आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव में 31 अक्तूबर की रात गोली मारकर की गई विपिन यादव की हत्या का मुख्य आरोपी डेढ़ माह में ही जेल से छूटने के बाद पीड़ितों को धमकी दे रहा है। गुरुवार को विपिन के भाई मनोज यादव ने डीआईजी से सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई। डीआईजी ने सीओ लालगंज को जांच सौंपते हुए तीन दिन के भीतर आख्या मांगी है।
मनोज यादव का आरोप है कि उसका पड़ोसी विकास यादव से जमीनी विवाद था। इस संबंध में थाने पर पंचायत भी हुई थी। पंचायत के पंद्रह दिन के भीतर विपक्षी विकास यादव ने अपने दोस्तों के साथ साजिश रचकर उसके भाई विपिन की हत्या कर दी। मनोज का आरोप है कि घटना वाले दिन साजिश के तहत गांव के कुछ लोग विपिन को घर से बुलाकर ले गए और गोली मारकर हत्या कर दी। मनोज का आरोप है कि उसने विकास सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए विकास को मुख्य आरोपी बना दिया और चालान कर दिया। हत्या में शामिल उसके दोस्तों को हिरासत में लेने के बाद भी दवाब में छोड़ दिया गया। पुलिस की लचर पैरवी का परिणाम रहा कि विकास एक माह सोलह दिन के भीतर जेल से छूट गया। विकास घर आने पर हमें धमकी दे रहा है। मनोज ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए मामला की गहनता से जांच और अन्य दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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सीओ लालगंज को जांच सौंपते हुए उनसे तीन दिन के भीतर आख्या मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विजय भूषण, डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र
वारंट के बाद भी पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार
आजमगढ़। ग्राम प्रधान और उसके पति की गिरफ्तारी के लिए अदालत ने वारंट जारी कर गिरफ्तारी का आदेश दिया है। बावजूद इसके पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
बता दें कि देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कंजहित गांव निवासी रुपचंद चौहान ने वर्ष 2014 में थाने में सार्वजनिक जमीन पर लगे 16 शीशम के प्रतिबंधित पेड़ को काटकर बेचने का आरोप ग्राम प्रधान इसराजी देवी और उसके पति राजनाथ को आरोपित किया। रुपचंद का आरोप है कि पुलिस की चार्जशीट अदालत में पेश हुई और उसकी सुनवाई सीजेएम कोर्ट नंबर दस में चल रही है। अदालत द्वारा बार-बार आरोपियों को नोटिस जारी कर हाजिर होने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुए। 12 दिसंबर 2017 को अदालत ने इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया। बावजूद इसके उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
विपिन यादव हत्याकांड:
जेल से छूटा आरोपी दे रहा घर वालों को धमकी
बगैर किसी कार्रवाई के छोड़ दिए गए साजिशकर्ता
डीआईजी ने सौंपी सीओ को जांच, मांगी आख्या
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव में 31 अक्तूबर की रात गोली मारकर की गई विपिन यादव की हत्या की साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेने के बाद भी छोड़ दिया गया। मुख्य आरोपी एक माह सोलह दिन के भीतर ही छूट गया। जेल से घर आते ही वह विकास के परिवारवालों को धमकी दे रहा है। गुरुवार को विकास के भाई मनोज यादव ने डीआईजी से गुहार लगाई। साथ ही पुलिस पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। डीआईजी ने सीओ लालगंज को जांच सौंपते हुए तीन दिन के भीतर आख्या मांगी है।
मनोज यादव का उसके पड़ोसी विकास यादव से जमीन का विवाद चल रहा था। इस संबंध में थाने पर पंचायत भी हुई थी। पंचायत के पंद्रह दिन के भीतर विपक्षी विकास यादव ने अपने कुछ अन्य दोस्तों के साथ साजिश रचकर विपिन की हत्या कर दिया। मनोज का आरोप है कि घटना वाले दिन साजिश के तहत गांव के कुछ लोग विपिन को घर से बुलाकर ले गए और गोली मारकर हत्या कर दी। मनोज का आरोप है कि उसने विकास सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने को कहा, लेकिन पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज करते हुए विकास को मुख्य आरोपी बनाकर चालान कर दी। हत्या में शामिल उसके दोस्तों को हिरासत में लेने के बाद भी छोड़ दिया। पुलिस की लचर पैरवी का परिणाम रहा कि विकास एक माह सोलह दिन के भीतर जेल से छुट गया। विकास के घर आने पर आरोपी पडोक्ष के लोग धमकी दे रहे हैं। मनोज ने स्थानीय पुलिस पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए मामला की गहनता से जांच और अन्य दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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सीओ लालगंज को जांच सौंपते हुए उनसे तीन दिन के भीतर आख्या मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विजय भूषण, डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र
आशीष तिवारी