आजमगढ़। वाराणसी के मशहूर ट्रांसपोर्टर धनराज यादव की हत्या में वांछित तरवां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अखंड प्रताप सिंह पर एसपी ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। इसके अलावा दीवानी न्यायालय में लाकअप से फरार तीन अन्य बदमाशों पर घोषित पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दी गई है।
वर्ष 2013 के अंत में तरवां थाना क्षेत्र निवासी वाराणसी के मशहूर ट्रांसपोर्टर धनराज यादव की मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में तरवां ब्लाक के पूर्व प्रमुख अखंड प्रताप सिंह सहित कई लोग नामजद हैं। पूर्व प्रमुख को इस घटना का मास्टर माइंड बताया गया। अखंड घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनाव मेें उसने कोर्ट के स्टे के आधार पर बसपा के टिकट पर अतरौलिया से चुनाव लड़ा पर चुनाव में हार के बाद से ही अखंड फरार हैं। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने कुर्की भी की, पर कोई सफलता नहीं मिली। एसपी रविशंकर छवि ने गुरुवार को उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इसके अलावा वर्ष 2015 के मध्य में जेल से न्यायालय में पेशी पर आए और कोर्ट परिसर में लाकअप की दीवार तोड़कर फरार हुए अंबेडकर नगर जिले के जैतपुर थाने के बेरवां गांव निवासी टिंकू उर्फ बंगाली, बरदह थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी कमलेश सरोज और वर्ष 2006 में पुलिस अभिरक्षा से फरार मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाने के सुरहूपुर गांव निवासी सूरज गोंड़ पर घोषित दो से पांच हजार रुपये के पुरस्कार को बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया। जबकि हत्या के मामले में महराजगंज थाने के शंकरपुर गांव निवासी फरार आरोपी निरंजन पर भी 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित है। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि अखंड प्रताप सिंह, निरंजन पर 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया। जबकि पुलिस अभिरक्षा और लाकअप की दीवार तोड़कर भागने वालों की इनाम राशि बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई है। इनकी तलाश जारी है।
पूर्व प्रमुख अखंड सिंह पर घोषित हुआ इनाम