आजमगढ़। छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और पेंशनक के वापस आए 90 लाख रुपये विभाग को वापस नहीं करने पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने समाजकल्याण अधिकारी को डीसीबी के शाखा प्रबंधक के खिलाफ तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि समाज कल्याण विभाग सोमवार देर शाम डीसीबी अधिकारियों के साथ होने वाली मीटिंग के बाद कार्रवाई की बात कह रहा था।
भाजपा नेता रमाकांत मिश्र ने तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि जिला सहकारी बैंक की शाखा बूढ़नपुर में छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और पेंशन के रूप में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से एक करोड़ 24 लाख 69 हजार, समाज कल्याण विभाग की ओर से 76 लाख 78 हजार और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 76 लाख 73 हजार रुपये भेजे गए हैं। इन रुपयों की बैंक और विभागीय अधिकारियों की ओर से मिलीभगत कर खुर्दबुर्द करने की तैयारी है। शिकायत के बाद जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। जांच शुरू होने के बाद 31 दिसंबर 2013 को जिला सहकारी बैंक की बूढ़नपुर शाखा ने लगभग 91 लाख रुपये ये कहते बैंक की मुख्य शाखा को स्थानांतरित कर दिया कि शाखा पर इस रुपये से संबंधितों की न सूची है और न खाता संख्या। इसे संबंधित विभागों के नोशनल खाते में स्थानांतरित कर दिया जाए, लेकिन आज तक बैंक की ओर से इन रुपयों को विभागों को खाते में नहीं भेजा गया। बल्कि इसे वेतन आदि पर खर्च कर दिए। जिलाधिकारी की नाराजगी के बाद बैंक ने रुपये वापस करने की बात कही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने समाजकल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह को मामले में तुरंत शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
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जिलाधिकारी की ओर से रुपये न लौटाने पर डीसीबी की मुख्य शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश मिले हैं। सोमवार देर शाम डीसीबी अधिकारियों के साथ बैठक हैं। बैठक के बाद जरूरत पड़ी तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
राजीव रत्न सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी