आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली पुलिस गुरुवार को पकवा इनार बाजार के पास से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक यह आरोपी आनलाइन लोगों के खाते से रुपये ट्रांसफर कराने का काम करता था। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही वह इस धंधे से जुड़ गया। इसके दो साथी पहले से ही जेल में हैं। इसकी तलाश में पुलिस काफी दिन से थी। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी लक्ष्मण यादव पुत्र सुभाष है। वह मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाने के अन्नूपार गांव का निवासी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि लक्ष्मण यादव एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद साइबर अपराधियों के गिरोह में शामिल हो गया। उसके गिरोह में मोहम्मदाबाद थाने के ढाड़ाचौर गांव निवासी राकेश चौहान, जबकि इसी थाना क्षेत्र के डोंगरी गांव निवासी अजीत और शैलेंद्र यादव सहित अन्य शामिल हैं। यह गिरोह एटीएम सेंटरों के पास खड़े होकर गोपनीय तरीके से लोगों के एटीएम कार्ड का गुप्त नंबर, पर्ची के जरिए कार्ड नंबर और खाता नंबरों की जानकारी लेने के बाद आनलाइन अपने खाते में रुपये ट्रांसफर कराने का काम करते थे। अब तक इन सभी ने दर्जनों खातों से लाखों रुपये उड़ा चुके हैं। एसपी ग्रामीण ने बताया कि मई 2017 में शहर कोतवाली पुलिस द्वारा रंगेहाथ राकेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ के दौरान राकेश ने लक्ष्मण यादव, अजीत और शैलेंद्र का नाम बताया। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते अक्तूबर 2018 में अजीत और शैलेंद्र यादव ने अदालत में समर्पण कर दिया। जबकि लक्ष्मण यादव फरार चल रहा था। कोर्ट के आदेश पर उसके घर की कुर्की हो चुकी थी। गुरुवार की सुबह कोतवाल जीयनपुर देवानंद को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पकवा इनार बाजार से लक्ष्मण यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह केंद्र शासित प्रदेश दमन के शोभनाथ क्षेत्र में शरण लेकर रह रहा था। किसी काम से जीयनपुर की तरफ जा रहा था। उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।