आजमगढ़। पशुओं की चोरी कर लोगों में भय फैलाने वाले गिरोह के पांच माफियाओं की सूची तैयार कर ली गई है। साथ ही इनके गिरोह के कुल 34 सदस्यों का भी विवरण जुटा लिया गया है। जोन स्तर पर इनकी निगरानी कराई जा रही। जल्द ही इनके विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वैसे तो वाहनों से घूमकर पशुओं की चोरी करने की घटनाएं आए दिन घटित हो रही हैं, लेकिन सितंबर माह में वाराणसी के चोलापुर, आजमगढ़ के देवगांव और जहानागंज थाना क्षेत्र में महिलाओं को अगवाकर उनके आभूषण लूटने की घटनाएं हुई। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि इन घटनाओं को पीछे पिकअप सवार पशु तस्करों का हाथ है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी जोन की तरफ से एसटीएफ वाराणसी को लगाया गया था। साथ ही जिलों की पुलिस भी अलर्ट थी। जिसका परिणाम रहा कि घटना के एक सप्ताह बाद देवगांव कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो पशु तस्करों को गिरफ्तार कर ली। इस घटना से पहले गंभीरपुर थाने की पुलिस की गिरफ्त में चार पशु तस्कर आ चुके थे। पशु तस्करों से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि इनका संगठित गिरोह है। यह लोग रात को अलग-अलग पिकअप वाहनों से घूमकर पशुओं की चोरी करते हैं। इस दौरान रास्ते में जो भी मिलता है। उससे लूटपाट भी कर लेते हैं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने गिरोह पर नियंत्रण लगाने के लिए उनकी सूची तैयार करवाई। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊ गांव निवासी दानिश पुत्र वलेस्टर अपनी गिरोह का सरगना है। उसके गिरोह में कुल आठ सदस्य शामिल है। जबकि दूसरा गिरोह अहरौला थाना क्षेत्र के असिलाई गांव निवासी सेराज पुत्र जुल्फेकार का है। इस गिरोह में कुल छह सदस्य हैं। तीसरा गिरोह फूलपुर कोतवाली के मुडिय़ार गांव निवासी कलीम पुत्र जहीर की है। इस गिरोह में कुल सात सदस्य हैं। चौथा गिरोह रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिला गांव निवासी सुहेल पुत्र जैनूद्दीन की है। इस गिरोह में छह सदस्य हैं। जबकि पांचवा गिरोह मुडिय़ार गांव निवासी मो. हाफिज पुत्र वकील का है। इस गिरोह में कुल सात सदस्य शामिल हैं। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि चिह्नित इन पशु तस्करों के विरुद्ध गैंगेस्टर, हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई करते हुए गिरोह को सूचीबद्ध किया गया है। इन पर जोन स्तर पर नजर रखी जा रही। जल्द ही इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।