आजमगढ़। महराजगंज कस्बा के सहदेवगंज मोड़ पर स्थित एक मकान में धारदार हथियार से गला रेतकर रिटायर सिपाही और जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे नहर के पास गोली मारकर पूर्व बीडीसी की हुई हत्या के मामले में पुलिस दूसरे दिन गुरुवार की शाम तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
महराजगंज थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव निवासी लालजी यादव रिटायर सिपाही था। वह परिवार से अलग महराजगंज कस्बे के सहदेवगंज मोड़ पर स्थित एक मकान में रहकर वहीं चौकीदारी कर रहा था। मंगलवार की रात उसकी धारदार हथियार से गला रेत और सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी। घटना के संबंध में मकान मालिक मुबारक ने लालजी के बेटे त्रिलोकी यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं बुधवार की सुबह जहानागंज थाना क्षेत्र के मंदे गांव के पूर्व बीडीसी मुसाफिर राम टहलने के लिए निकले थे। गांव के नहर पर बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के संबंध में मुसाफिर के बेटे हरिकेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें गांव के कन्हैयालाल, आनंद कुमार, अभिनासी, दुर्गविजय, विजय और नौशाद को आरोपित किया है। एसपीसिटी/प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि दोनों ही मामलों में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।