आजमगढ़। रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में सात जुलाई 2017 को जहरीली शराब पीने से हुई 30 लोगों की मौत के बाद प्रशासन जहां जिले से अवैध शराब का कारोबार समाप्त करने में जुटा है। वहीं अभी भी चोरी-छिपे अवैध रूप से शराब बनाई और बेची जा रही है। यही नहीं इस अवैध शराब को सरकारी ठेके पर सप्लाई करने का मामला भी लगातार सामने आ रहा है। इससे आबकारी विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है। इसका खुलासा दो दिन पूर्व जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव से भारी मात्रा में देशी शराब बरामद होने पर बी हुआ था। पता चला था कि यहां से तैयार होने वाली शराब की सप्लाई सरकारी ठेकों पर होती थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। इसके आधार पर शासन से स्पेशल टीम भेजकर आबकारी विभाग की संलिप्तता की जांच को कहा जाएगा।
बता दें कि उद्योग शून्य जिले में अवैध शराब की तस्करी सगड़ी तहसील क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में कुटीर उद्योग का रूप ले चुकी है। इससे पहले यह काला कारोबार मुबारकपुर थाना क्षेत्र में जोरों पर हो रहा था। वर्ष 2013 में जहरीली शराब पीने से 56 लोगों की मौत के बाद शराब माफियाओं ने अपना ठिकाना बदला और सगड़ी तहसील क्षेत्र को चुन लिया। सात जुलाई 2017 को जहरीली शराब पीने से रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के 30 लोगों की मौत के बाद प्रशासन शराब माफियाओं के विरुद्ध अपनी भृकुटि टेढ़ी किए हुए है। कुछ दिनों तक पुलािस की कार्रवाई और माफियाओं का धंधा बंद रहा, लेकिन बाद में पुन: शुरू हो गया। इसका परिणाम रहा कि तीन जनवरी को जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने सिकंदरपुर गांव मेें छापेमारी कर बड़े पैमाने पर अवैध देशी शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी फरार हो गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद हुई जानकारी में खुलासा हुआ कि शराब की सप्लाई सरकारी ठेकों पर की जाती थी। बिना आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से ये धंधा संभव नहीं है। यहां से तैयार होने वाली शराब की सप्लाई पूर्वांचल के सरकारी देशी शराब के ठेके पर हो रही थी। इससे पमूर्व तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर गांव से बरामद हुई दो करोड़ से अधिक की शराब, गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव में चल रही अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद इस मामले में आबकारी विभाग के लोगों की संलिप्तता उजागर हो चुकी है। जिले में रौनापार या मुबारकपुर जैसी और कोई दूसरी घटना न होने पाए और अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर करने के लिए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मामले में जिला आबकारी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। इसके आधार पर शासन को पत्र भेजकर स्पेशल टीम से आबकारी विभाग की संलिप्तता की जांच की मांग की जाएगी। डीएम ने कहा कि आबकारी अधिकारी कि रिपोर्ट मिलते ही शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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सरकारी दूकानों की हो रही जांच
आजमगढ़ (ब्यूरो)। तीन जनवरी को जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव से बरामद हुए भारी मात्रा में अवैध देशी शराब और उसकी सप्लाई सरकारी ठेकों पर होने का पता चलने के बाद आबकारी विभाग की टीम जिले के सभी सरकारी देशी शराब के ठेकों की जांच कर रही है। शक है कि कहीं सिकंदरपुर में तैयार होने वाली अवैध शराब की खेप इन दूकानों पर तो नहीं पहुंची है। जिला आबकारी अधिकारी सुदर्शन सिंह ने बताया कि सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देशित करते हुए पत्र तैयार हो रहा है। जल्द ह अभियान चलाकर सरकारी ठेकों की चेकिंग की जाएगी। ताकि भविष्य में रौनापार जैसे किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
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आबकारी विभाग की संलिप्ता के संबंध में जिला आबकारी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के आधार पर शासन को पत्र भेजकर स्पेशल टीम से इस संलिप्ता की जांच की मांग की जाएगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी