आजमगढ़। इलाहाबाद के रहने वाले डा. श्यामलाल और मेंहनगर थाना क्षेत्र के लवदह दामा गांव निवासी मनोज कुमार ने वाराणसी के मशहूर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. संजय शर्मा का फर्जी कागजात लगाकर अपने नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन करवा लिया। सीएमओ दफ्तर से अनुमति मिलने के बाद यह लोग तरवां थाने के कम्हरिया गांव में अस्पताल खोलकर चला रहे थे। इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को डा. संजय की तरफ से तरवां थाने में इन दोनों लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।
डा. संजय की तरफ से तहरीर देने वाले मनीष कुमार सिंह पुत्र महेंद्र सिंह वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के कस्तूरबा नगर मुहल्ले के निवासी हैं। मनीष कुमार का आरोप है कि डा. संजय शर्मा हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। वाराणसी में इनकी एक अलग पहचान हैं। जिसका फायदा उठाते हुए डा. श्यामलाल और मनोज कुमार ने संजय शर्मा की तरफ फर्जी नोटरी, बयानहल्फी और प्रमाण पत्र की फोटो कापी लगाकर एक माह पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी आजमगढ़ के कार्यालय से अपने नर्सिंग होम की मान्यता ले ली। इसके बाद यह लोग तरवां थाना क्षेत्र के खरिहानी बाजार के समीप कम्हरिया गांव में नर्सिंग होम खोलकर चला रहे थे। इसकी जानकारी होने पर डा. संजय ने पूरे मामले की अपने स्तर से जांच करवाई। जांच के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर होने पर इनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मनीष का आरोप है कि आरोपियों ने डा. संजय का पूरा प्रमाण पत्र फर्जी तैयार किए हैं। बता दें कि जिले में इस प्रकार के बहुत से फर्जी प्राइवेट अस्पताल खोलकर जालसाज किस्म के लोग इलाज के नाम पर मरीजों का खून चूस रहे हैं। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग का रिकार्ड भी तलब किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।