आजमगढ़। एसटीएफ वाराणसी के सहयोग से शनिवार की रात देवगांव कोतवाली पुलिस ने दो ईनामी सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर जिले में हुई लूट की कई घटनाओं का खुलासा कर दिया। इसके साथ ही मेरठ के डिफेंस कालोनी निवासी सर्राफा के बड़े व्यवसायी को लूटने की योजना भी विफल कर दी। तीनों बदमाशों के पास से लूट के 7700 रुपये, दो तमंचा, चार कारतूस और तीन मोबाइल बरामद हुआ। तीनों बदमाश रौनापार थाने के कोवला गांव निवासी धर्मेंद्र पासी गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं।
एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरफ्तार बदमाशों में विनोद राजभर और रवि प्रजापति मेंहगनर थाने के असौसा गांव और मो. आलम देवगांव कोतवाली के कोटा बुजुर्ग गांव का निवासी है। विनोद और मो. आलम पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित था जबकि रवि के आपराधिक रिकार्ड को खंगाला जा रहा। एसपी ने बताया कि कोतवाल देवगांव अखिलेश कुमार मिश्रा शनिवार को क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। तभी एसटीएफ वाराणसी फील्ड इकाई के प्रभारी पुनीत परिहार पहुंचे और बूढ़ऊबाबा मंदिर के पास इन तीनों के खड़ा होकर किसी के इंतजार करने की जानकारी दी। क्राइम ब्रांच के स्वाट टीम प्रभारी राजेश उपाध्याय भी पहुंच गए। पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इन तीनों ने बताया कि 13 दिसंबर को मेंहनगर थाने के असौसा गांव के एक प्राइवेट कंपनी के एजेंट से 38 हजार, 11 फरवरी को पल्हना बाजार के दुकानदार से 25 हजार रुपये और आभूषण और 16 फरवरी को सरायमीर के नंदाव बाजार से अंडा विक्रेता से 36 हजार रुपये लूटे थे। एसपी ने बताया कि इनका सरगना रौनापार थाने के कोलवा गांव निवासी धर्मेंद्र पासी है। पूछताछ के दौरान इन तीनों ने बताया कि मेरठ शहर के डिफेंस कालोनी निवासी बड़े सर्राफा को लूटने की योजना बना रहे थे। पुलिस गिरफ्तार बदमाशों का चालान कर गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।