आजमगढ़। लगभग नौ साल पुराने मामले में एसकेपी के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह को न्यायालय ने आत्मसमर्पण का आदेश जारी किया है। 2009 में एसकेपी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र बना था। इस दौरान बोर्ड कापियों के हेराफेरी का कुछ मामला हुआ था। जिसमें तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. त्रिवेणी भार्गव ने नरेंद्र सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 2013 में नरेंद्र सिंह को आत्मसमर्पण का आदेश दिया था। जिस पर वे हाईकोर्ट की शरण में चले गए और स्टे आर्डर ले आए। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद नरेंद्र सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर न्यायालय ने स्टे निरस्त करते हुए जिला सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण का आदेश जारी किया।