आजमगढ़। डीएम के निर्देश पर शौचालयों की जांच करने जा रही ओडीएफ टीम पर शनिवार की सुबह रास्ते से ट्रैक्टर हटाने के विवाद में अधिवक्ता और उनके बेटा विवाद करने लगे। अधिवक्ता ने धारदार हथियार और असलहे का प्रदर्शन करते हुए जांच टीम पर फायर कर दिया। सूचना मिलने पर तत्काल सीओसिटी और सिधारी थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी फरार हो गए। घटना के संबंध में ओडीएफ टीम प्रभारी ने थाने में तहरीर दी। पीड़ित यशवंत सिंह सिधारी थाना क्षेत्र के चकगोरया गांव के निवासी हैं। वह पेशे से शिक्षक हैं। प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर बनवाए जा रहे शौचालयों की देखरेख और निरीक्षण के लिए डीएम की तरफ से ओडीएफ टीम गठित की गई है। इन्हीं टीमों में से एक के प्रभारी यशवंत सिंह भी हैं। शनिवार की सुबह यशवंत सिंह डीएम के निर्देश पर अपने क्षेत्र में शौचालयों की जांच पड़ताल के लिए जा रहे थे। जैसे ही गांव के बाहर मुख्य रास्ते पर पहुंचे कि गांव के अधिवक्ता गिरजा यादव अपने दरवाजे के बाहर सड़क पर ट्रैक्टर खड़ाकर ईंट और बालू उतरवा रहे थे। मार्ग अवरुद्ध होने पर यशवंत ने ट्रैक्टर हटाने को कहा तभी अधिवक्ता गिरजा यादव और उनका बेटा पहुंच गया। यह दोनों लोग यशवंत सिंह से झगड़ा करते हुए गाली देने लगे। हंगामा होने पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। तभी अधिवक्ता और उनका बेटा घर से धारदार हथियार और लाइसेंस असलहा निकालकर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग कर दी। गोली चलने से हड़कंप मच गव्या। सीओसिटी अजय कुमार यादव ने बताया कि आसपास के लोगों से हुई पूछताछ में फायर करने की पुष्टि हुई है। यशवंत की तहरीर के आधार पर अधिवक्ता गिरजा यादव और उनके बेटे के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। आरोपियों की तलाश की जा रही है।