आजमगढ़। अधिवक्ता गोपाल प्रसाद पुत्र वंशीधर के तहरीर पर शनिवार को हिरासत में लिए गए ब्लाक प्रमुख मिर्जापुर बलवंत यादव को रविवार को गिरफ्तारी दिखाते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया। ब्लॉक प्रमुख पर अधिवक्ता ने मकान पर कब्जे का प्रयास करने, तोड़फोड़ व लूटपाट करने का आरोप लगाया था। पुलिस को दी तहरीर में अधिवक्ता ने बताया था कि बलवंत यादव व रूदल यादव निवासी गण देवपार थाना कंधरापुर 17 जनवरी की सुबह उसके घर पर चढ़ आए और मकान के एक हिस्से पर कब्जे का प्रयास करने लगे। इस दौरान इन लोगों ने घर में तोडफ़ोड़ के साथ ही लाखों के जेवरातों की लूटपाट भी किया। अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। इस मामले में दीवानी बार के वकीलों ने 18 जनवरी को चर्च चौराहे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन भी किया था और पुलिस प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी थी। बार एसोसिएशन के दबाव को देखते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने ब्लाक प्रमुख मिर्जापुर बलवंत यादव को शनिवार की सुबह ही उनके आवास से उठा लिया था और हिरासत में रख कर शहर कोतवाली में ही उनसे पूछताछ की जा रही थी। रविवार को तो पुलिस ने बलवंत को हिरासत में लिए जाने से ही इंकार कर दिया था। शनिवार की देर रात तक व रविवार को दोपहर तक शहर कोतवाली पर ब्लाक प्रमुख बलवंत सिंह के समर्थकों का जमवाड़ा लगा रहा। इस बीच रविवार की शाम पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर ब्लाक प्रमुख को करतालपुर चौराहे से गिरफ्तार करने का दावा किया। ब्लाक प्रमुख मिर्जापुर के गिरफ्तारी की कार्रवाई में शहर कोतवाली प्रभारी विनय कुमार मिश्रा, एसआई श्री कृष्ण प्रजापति, कांस्टेबल सुनील कन्नौजिया, प्रभाकर यादव, देवेंद्र पासवान, अनिल राय शामिल रहे।