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ट्रक कब्जे में लेने के बाद किए वीरेंद्र की हत्या

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पवई। फैजाबाद-शाहगंज मुख्य मार्ग पर स्थित पवई थाना क्षेत्र के खेमीपुर पुलिया के पास पांच जनवरी की सुबह हत्याकर फेंकी गई ट्रक मालिक वीरेंद्र यादव की लाश मिली थी। हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। हत्या में शामिल एक आरोपी को अतरौलिया थाने के सिकंदरपुर बाजार से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वीरेंद्र की बाइक बरामद हुई। जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शिवम गिरी उर्फ शिबू अहरौला थाने के पकड़ी गांव का निवासी है। एसपी के मुताबिक अतरौलिया पुरवा निवासी वीरेंद्र यादव और अंबेडकर नगर जिले के जैतपुर थाने के मुस्तफाबाद गांव निवासी उमानाथ उर्फ ओम गिरी के बीच गहरी दोस्ती थी। वीरेंद्र और उमा गिरी मिलकर ट्रक खरीदे थे। ट्रक खरीदते समय उमा गिरी ने दो लाख रुपया, चेक आदि देकर गारंटर बना था। कुछ दिनों तक सबकुछ ठीकठाक चलता रहा। इसीबीच वीरेंद्र ने ट्रक किसी को बेच दिया। इसकी जानकारी उमा गिरी को हुई तो वह नाराज हो गया और वीरेंद्र से ट्रक मांगने लगा। चार जनवरी को वीरेंद्र यादव घर से पांच लाख रुपये लेकर ट्रक खरीदने निकला कि उमा ने फोन कर वीरेंद्र को अतरौलिया थाने के सिकंदरपुर बाजार में स्थित शिवम गिरी के गैराज पर बुलाया। जहां उमा गिरी के अलावा उसके गांव का दोस्त छोटू, आलोक और शिवम मौजूद था। यहीं से सभी लोग एक कार में बैठकर अहरौला की तरफ चले और सुनसान स्थान पर कार खड़ी कर उमा ने तमंचा निकालकर वीरेंद्र के कनपटी पर सटाकर ट्रक के चालक को फोन कराया कि दो आदमी भेज रहा हूं, ट्रक की चाबी उन्हें दे देना। ट्रक उमा गिरी के कब्जे में आने पर वह कार में ही वीरेंद्र का गला दबाकर उसकी हत्याकर दी। आरोपी वीरेंद्र की लाश उसके घर के रास्ते से होकर फुलवरिया बाजार पहुंचे। वहां सीने में गोली मार दी। इसके बाद वीरेंद्र की लाश पवई थाने के खेमीपुर पुलिया के पास ले जाकर पुन: दूसरी गोली मारकर नीचे फेंक दिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि घटना के बाद से ही उमा गिरी सहित अन्य तीन आरोपी फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही।
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