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जितेंद्र की हत्या कर चुकाया थप्पड़ का बदला

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आजमगढ़। अहरौला बाजार निवासी दुकानदार जितेंद्र मोदनवाल उर्फं नाटे की 11 अगस्त को गोली मारकर हत्या करने की साजिश जेल में निरुद्ध विक्की सिंह और राहुल यादव ने रची थी। जितेंद्र की हत्या करवाकर विक्की ने थाने में लोगों के समक्ष थप्पड़ मारने का बदला चुकाया। इस हत्या के जरिए जेल में निरुद्ध अपराधियों ने जहां अपना बदला चुकाया। वहीं जितेंद्र की हत्या में पहली बार गोली चलाकर अकबर अली ने जरायम की दुनिया में कदम रखा। चौबीस घंटे के भीतर हुई ताबड़तोड़ मुठभेड़ में गिरफ्तार तीनों हत्यारोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए अधिकारियों के समक्ष पूरा घटनाक्रम बयां किया। एसओ अहरौला अयोध्या तिवारी के मुताबिक अहरौला बाजार निवासी जितेंद्र मोदनवाल की दुकान अच्छीखासी चलती थी। अहरौला थाने के पैड़िहां गांव निवासी विक्की सिंह से काफी दिन पहले विवाद हुआ था। इस दौरान जितेंद्र ने विक्की को लोगों की मौजूदगी में अहरौला थाने में थप्पड़ मारा था। तभी से बदले की आग विक्की के दिल में सुलग रही थी । करीब छह माह पूर्व विक्की सिंह और उसके साथी पकड़ी गांव निवासी राहुल यादव को वाराणसी पुलिस ने एक हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तभी से दोनों जेल में हैं। दोनों के जेल में जाने के बाद जितेंद्र मोदनवाल निश्चिंत हो था जबकि जेल के भीतर से विक्की और राहुल उसके हत्या का तानाबाना बुनने में लगे थे। अतरौलिया थाना क्षेत्र के रहने वाला सचिन पांडेय उर्फ आकृति, सुजीत तिवारी इनके गिरोह के सदस्य हैं। अकबर अली, सचिन और सुजीत का मित्र हैं। अकबर भी इन दोनों के साथ जरायम में कदम रखना चाहता था। विक्की और राहुल के इशारे पर इन तीनों ने जितेंद्र के हत्या की योजना बनाई। घटना वाले दिन यह तीनों बाइक से जितेंद्र की दुकान पर पहुंचे। इस दौरान सुजीत बाइक चला रहा था। सचिन बीच में और अकबर पीछे बैठा हुआ था। गिरफ्तार बदमाशों के मुताबिक पहली गोली अकबर ने चलाई। इसके बाद ताबड़तोड़ इन दोनों ने भी एक-एक गोली जितेंद्र को मारे और फरार हो गए। स्थानीय होने के नाते इन्हें पूरे रास्ते की जानकारी थी। शायद यही कारण है कि जितेंद्र की हत्या के बाद अहरौला पुलिस इनके पीछे लगी, लेकिन बदमाश कुछ दूर आगे जाने के बाद दूसरे रास्ते पर मुड़ गए। जबकि पुलिस इनकी तलाश मेें अंबेडकर नगर जिले की बार्डर की तरफ जाकर भटक गई।
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सीसीटीवी से हुई थी बदमाशों की पहचान
आजमगढ़। अहरौला बाजार निवासी दुकानदार जितेंद्र की हत्या करने के बाद हुई जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि जितेंद्र की दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा बीते कई दिनों से खराब है। इसकी जानकारी बदमाशों ने जितेंद्र की दुकान पर आकर पहले ही लगा ली थी। इसीलिए घटना को आसानी से अंजाम दिया। गोली चलने पर दुकान पर मौजूद ज्यादातर लोग फरार हो गए। जांच पड़ताल के दौरान थाना गेट से थोड़े दूर पर स्थित एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया तो उक्त फुटेज के जरिए हत्या में प्रयुक्त बाइक और इन बदमाशों की पहचान कर ली गई। पुलिस बदमाशों की पहचान करने के बाद इनकी तलाश में जुटी हुई थी।
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