आजमगढ़। तीन अगस्त को मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामदास कुटी के पास पुलिस ने डी-9 गिरोह के सक्रिय सदस्य जयहिंद यादव को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद आपराधियों पर जो दवाब बनाना शुरू किया, वह लगातार जारी है। जय हिंद के एनकाउंटर के बाद अधिकारियों की तरफ से मिली शाबासी का परिणाम है कि पुलिस ने एक माह सोलह दिन के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन कुख्यात अपराधियों को ढेर कर दिया। पुलिस की कार्रवाई से डी-9 और पासी गिरोह की कमर टूट सी गई है। बदमाशों पर पुलिस का शुरू हुआ यह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ लगातार जारी है।
सूबे की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रदेश में कानून राज कायम करने के लिए पुलिस को खुली छूट दी। इसका असर ये हुआ कि पुलिस ने बदमाशों पर शिकंजा कसा। इसी क्रम में तीन अगस्त को पुलिस ने मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामदास कुटी के पास डी-9 गिरोह के सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर जयहिंद यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जयहिंद के मारे जाने के ठीक 15 दिन बाद 18 अगस्त को रामपुर जिले की पुलिस अभिरक्षा से फरार डी- 9 गिरोह के सरगना मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के रहने वाले सुजीत सिंह बुढ़वा को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गजहड़ा में स्थित कांशीराम आवास कालोनी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। डी-9 गिरोह के दो बदमाशों का ताबड़तोड़ एनकाउंटर होने से पूर्वांचल के बदमाश दहशत में आ गए जबकि कई ने इलाका छोड़ दिया या फिर अदालत में सरेंडर कर चुके हैं। सुजीत के एनकाउंटर से ठीक 25 दिन बाद पुलिस ने गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार में रामजी पासी को ढेर कर दिया गया। रामजी पासी गोरखपुर जेल में निरुद्ध श्यामबाबू पासी गिरोह का दाहिना हाथ था।
कानून व्यवस्था से खिलवाड़ और आमजन में दहशत पैदा करने वाला पुलिस का दुश्मन है। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जारी रहेगी।
- अजय कुमार साहनी, एसपी
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार में अमिलिया मोड़ पर गुरुवार की दोपहर हुए एनकाउंटर में ढेर बदमाश रामजी पासी तरवां थाना क्षेत्र के जीयापुर गांव के प्रधान का भाई था। वह मेंहनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले राकेश पासी के साथ किसी सराफ से मिलने जा रहा था। जबकि दो दिन पूर्व मंगलवार को गोसाई की बाजार में महिला से हुई 40 हजार रुपये की छिनैती की घटना के बाद पुलिस बदमाशों की लोकेशन ले रही थी। इस दौरान ही इन दोनों के आने की जानकारी पुलिस को हुई थी।
जीयापुर गांव निवासी रामजी पासी का बड़ा भाई दिनेश पासी ग्राम प्रधान है। पांच भाई और तीन बहनों में चौथे नंबर का रामजी पासी दो बेटी और एक बेटा का पिता था। उसके विरुद्ध लूट, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने जैसे संगीन धाराओं के एक दर्जन से अधिक मुकदमे थे। रामजी पासी के नाम का आजमगढ़ के अलावा मऊ, गाजीपुर और गोरखपुर में खौफ था। जल्द ही जेल से रिहा होने के बाद रामजी अपनी आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई बाजार और लालगंज बाजार के रहने वाले सराफ से मिलने जा रहा था। उसके साथ राकेश पासी था। उधर गोसाई की बाजार में महिला से हुए 40 हजार की छिनैती के बाद पुलिस बदमाशों की धर पकड़ तेज कर दी थी। इसी दौरान राकेश और रामजी के आने की जानकारी होने पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया और मुठभेड़ में रामजी को मार गिराया, जबकि राकेश पासी भागने में सफल हो गया।
आजमगढ़ । बदमाश पुलिस से बचने के लिए गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार और लालगंज बाजार जाने के लिए दोनों बदमाशों ने सुनसान रास्ता चुना था।
राकेश पासी और रामजी पासी दोनों एक बाइक पर सवार होकर मेंहनगर से अमिलिया गांव होते हुए आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित श्रीरामगंज बाजार पहुंचने और यहां से लालगंज और गोसाई की बाजार जाने की योजना तैयार की। श्रीरामगंज बाजार से करीब तीन किलोमीटर दूर उत्तर तरफ गोसाई की बाजार और इतनी ही दूरी पर दक्षिण तरफ लालगंज बागजार है। श्रीरामगंज बाजार से इन दोनों बड़ी बाजार के लिए जाते समय रास्ते में पुलिस नहीं पड़ती, ना ही दिखाई देती है। गोसाई की बाजार से पहले मई खरगपुर गांव में मुख्य मार्ग पर गोसाई की बाजार पुलिस चौकी जरूर है। लेकिन सड़क से काफी पीछे होने की वजह से सिपाहियों की नजर सड़क से आने और जाने वालों पर ठीक तरह से नहीं पड़ती। दोनों बदमाश इसी का फायदा उठाना चाह रहे थे। लेकिन पुलिस की नजरों से दोनों बच नहीं सके और मुठभेड़ में एक ढेर हो गया। जबकि दूसरा फरार हो गया।
आजमगढ़ (ब्यूरो)। गुरुवार की दोपहर पुलिस लाइन परिसर में एसपी अजय साहनी ने अपराध समीक्षा आयोजित किया था। दोपहर दो बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में शामिल होने के लिए सभी थानों की पुलिस और अधिकारी लगभग डेढ़ बजे तक जिला मुख्यालय पहुंच चुके थे। जो नहीं पहुंचे थे वे रास्ते में थे। क्राइम मीटिंग में भाग लेने के लिए एसओ मेहनाजपुर कृष्णकांत सिंह जा रहे थे कि रास्ते में क्राइम ब्रांच की टीम देखकर रुक गए और बदमाशों के आने की आहट पर उनका इंतजार करने लगे। उधर जानकारी होने पर एसपी ने एसओ गंभीरपुर को भी मौके पर भेज दिया। लेकिन जैसे ही घटना के प्रमुख बिंदू की जानकारी हुई कि स्वयं एसपी क्राइम मीटिंग छोड़कर मौके के लिए रवाना हो गए। उनके साथ एसपी ग्रामीण के अलावा देवगांव, बरदह, मेंहनगर आदि थानों की फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस की मानें तो अपराधी इसका फायदा उठाना चाह रहे थे। लेकिन वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार में स्थित अमिलिया मोड़ पर गुरुवार की दोपहर हुई पुलिस मुठभेड़ में पुलिस की गोली से कुख्यात रामजी पासी ढेर हो गया। जबकि इसका साथी राकेश पासी कई थानों की पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। राकेश के भाग जाने के बाद लोगों में इस बात की चर्चा रही कि फिर राकेश पुलिस की घेराबंदी तोड़कर फरार हो गया। इससे पहले 19 जुलाई की रात शहर के बागलखराव पुल के पास हुई मुठभेड़ के दौरान भी राकेश फायर करते हुए भाग निकला था। राकेश की गोली से एसपी ग्रामीण घायल हो गए। जबकि संयोगवश एसपी अजय साहनी बच गए थे। बता दें कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के उबारपुर गांव निवासी भीम उर्फ सागर 18 जुलाई को बरदह थाने की पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सागर के साथ उसका मित्र संतोष भारती भी गिरफ्तार हुआ था। 18 जुलाई को बरदह पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया। सिधारी थाना क्षेत्र के नरौली पुल के पास शौच का बहाना बनाकर सागर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक सागर के भागने का षड्यंत्र राकेश पासी ने ही रचा था। इसी रात को सागर और राकेश ने मिलकर सिधारी थाना क्षेत्र के भदुली पुल के पास एक बाइक लूटकर भाग रहे थे। दोनों बागलखराव पुल से होते हुए शहर में प्रवेश करना चाह रहे थे। तभी एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ पहुंच गए और बदमाशों से मुठभेड़ होने लगी। सूचना मिलने पर एसपी अजय साहनी भी पहुंच गए। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से सागर घायल हो गया और पकड़ लिया गया। जबकि राकेश गोली चलाते हुए भाग गया। बदमाशों की गोली हाथ में लगने से एसपी ग्रामीण घायल हो गए। जबकि एसपी बाल-बाल बच गए। पुलिस की घेराबंदी तोड़कर फरार राकेश की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। गुरुवार की दोपहर पुलिस को उसके श्रीरामगंज बाजार की तरफ आने की सूचना मिली तो पुलिस ने घेराबंदी करके रामजी पासी को ढेर कर दिया। जबकि क्राइम ब्रांच, गंभीरपुर और मेहनाजपुर थाने के पुलिस की घेराबंदी तोड़कर राकेश भागने में सफल रहा। दोबारा उसकी किस्मत ने साथ दे दिया।