फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मारपीट के दो आरोपियों को पांच वर्ष की कैद

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन रमेश सिंह की अदालत ने शनिवार को मारपीट कर गंभीर रुप से घायल किए जाने के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इसी मामले का एक अन्य आरोपी बाल्मीकि को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। एक अन्य आरोपी रामनयन की मुकदमा कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी। घटना दीदारगंज थाना के दीघिया गांव की है। दीघिया गांव निवासी बासमती पत्नी रामधारी ने 17 दिसंबर 2011 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया कि उसके दरवाजे के पाइप से पानी ले जाने के लिए हुई कहा सुनी की रंजिश को लेकर घटना की शाम लगभग सात बजे गांव के राम नयन पुत्र गणेश, बाल्मीकि और लालजीत पुत्रगण रामबली और सुदर्शन पुत्र रामफेर एक राय होकर लाठी-डंडा लिए घर में घुस आए और उसके पति रामधारी को घसीटकर घर से बाहर लाकर बुरी तरह से मारेपीटे। बचाने के लिए उसकी पत्नी बासमती, बेटी मनीषा और विजय लक्ष्मी गई तो आरोपियों ने उन्हें भी मारापीटा। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार यादव ने घायल बासमती, रामधारी, मनीषा, विजय लक्ष्मी, डा.केएन पांडेय, हेडकांस्टेबुल ब्रम्हदेव, सब इंस्पेक्टर शोभा प्रसाद, डा.आशीष सिंह यादव, डा.मुकेश साहनी को बतौर साक्षी न्यायालय में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी सुदर्शन और लालजीत को मारपीट का दोषी पाते हुए उक्त पांच वर्ष की सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें