आजमगढ़। ब्लाक प्रमुख तहबरपुर के प्रतिनिधि और पति अजीत यादव ने गुरुवार को हुए हंगामें के बाद शुक्रवार को अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि ब्लाक प्रमुख्य को एक साजिश के तहत बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मेरे ऊपर पिस्टल निकालने का जो आरोप लगाया गया है वह बिल्कुल ही निराधार है। अजीत यादव ने कहा कि बैठक के दौरान किसी भी सदन हो हंगामा होना तो आम बात है। क्षेत्र पंचायत की बैठक में भी कुछ बिंदुओं को लेकर हंगामा हुआ था। जिससे कुछ सदस्य नाराज होकर बाहर चले गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद जब सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो जो सदस्य बाहर गए थे वह अंदर आ गए और बैठक में शामिल भी हुए। उन्होंने रजिस्टर पर मानदेय प्राप्ति का हस्ताक्षर भी किया है। फिर बैठक की बहिस्कार करने की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी है। प्रधानमंत्री माडल आवास के लिए शासन स्तर से ही धनराशि निर्धारित है। एक लाख बीस हजार रुपये की धनराशि में भवन का निर्माण होना है। इस भवन के निर्माण कराने की जिम्मेदारी ब्लाक के एडीओ और खंड विकास अधिकारी का दायित्व है। प्रधानमंत्री माडल आवास में कोई भी प्रधान और सदस्य निर्माण नहीं करा सकता है। क्षेत्र पंचायत की बैठक में प्रमुख विनिता यादव के अलावा खंड विकास अधिकारी रामरेखा यादव, सहायक लेखाकार अवध बिहारी मौर्य समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जो बैठक की पूरी कार्रवाई के गवाह हैं। रही बात प्रमुख के नामौजूदगी की तो प्रमुख को आने में देरी हुई थी। लेकिन सदन की कार्रवाई उनके आने के बाद ही शुरू हुई। इसलिए जो भी आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधार है। यह सब प्रमुख को बदनाम करने की साजिश है। बीडीओ रामरेखा यादव ने कहा कि क्षेत्र पंचायत बैठक में ग्राम प्रधानों, विधायक और सांसद को आमंत्रित किया गया था इसलिए वह लोग इसमें शामिल हुए थे।