रानी की सराय ब्लाक के कोटिला गांव की पूर्व प्रधान के खिलाफ वर्ष 2015 में हुई शिकायत में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास की ओर से की गई जांच में गबन की पुष्टि हुई है। ग्राम प्रधान को नोटिस भी जारी की गई। प्रधान ने जवाब भी नहीं दिया। इसके बाद भी विभाग की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। पुन: कमिश्नर के निर्देश पर दोबारा हुई जांच में पूर्व प्रधान की ओर से 2.32 लाख की वित्तीय अनियमितिता की पुष्टि हुई है। इसके बाद जिला पंचायती राज विभाग की ओर से पूर्व प्रधान को फिर से नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर निर्धारित आरोपों पर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जबाव नहीं होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
रानी की सराय ब्लाक के कोटिला गांव की पूर्व प्रधान लक्ष्मीना के खिलाफ वित्तीय अनियमितिता की शिकायत गांव निवासी पारसनाथ और सुहैल अहमद ने वर्ष 2015 में की थी। मामले की जांच तत्कालीन परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण को मिली। जांच में वित्तीय अनियमितिता की पुष्टि होने और जिला पंचायती राज विभाग द्वारा मांगे गए जवाब का प्रधान ने नहीं दिया और न ही विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ताओं ने पुन: मामले की शिकायत कमिश्नर से की। इसकी जांच एसडीएम सदर से कराई गई। एसडीएम ने सदर ने जांच आख्या जिला पंचायती राज विभाग को सौंप दी है। दोनों ही जांचों में पूर्व प्रधान द्वारा कुल 232130 रुपये का गबन की पुष्टि हुई। जिलाधिकारी ने तत्कालीन प्रधान और सचिव को इस गबन के लिए दोषी मानते हुए 15 दिन के भीतर लगे आरोपों पर जहाव तलब किया गया है। निर्धारित समय पर जवाब तलब नहीं होने पर भू-राजस्व की तरह वसूली के आदेश दिए हैं।