आजमगढ़। सडक़ पर उतरे दलित संगठनों को लेकर भारी संख्या में विरोध प्रदर्शन करते हुए सगड़ी तहसील मुख्यालय पहुंचे। अभी एसडीएम या तहसीलदार इनका ज्ञापन लेने के लिए तहसील से बाहर आते कि उपद्रवी बाहर तोड़फोड़, आगजनी करते हुए हंगामा करने लगे। विवाद शांत कराने पहुंचे कोतवाल जीयनपुर को घेर लिया। भीड़ को हमलावर होते देख कोतवाल ने फायर कर अपनी जान बचाई। इसके बाद उपद्रवी तहसील में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे। हालांकि बाद में भारी भरकम फोर्स आने के बाद उपद्रवी फरार हो गए।
कोतवाल जीयनपुर मुनीष प्रताप चौहान ने बताया कि सोमवार की सुबह प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे और सबसे पहले आजमगढ़ बाजार को जबरन बंद करा दिया। इसके बाद लोगों का हुजूम जीयनपुर कस्बा में पहुंचा। बाजार के लोग अपनी-अपनी दुकानें बंद नहीं कर रहे थे। बावजूद इसके लोग इनकी दुकानों को जबरन बंद कराने लगे। इस बात पर बाजार में विवाद जरूर हुआ, लेकिन मामला शांत हो गया और भीड़ तहसील की तरफ चल दी। भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस भी इनके साथ हो ली। आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर स्थित सगड़ी तहसील गेट पर पहुंचते-पहुंचते इनकी संख्या इतनी बढ़ गई कि सडक़ जाम हो गया। पुलिस के लोग इन्हें सडक़ से हटने को कहते हुए एसडीएम को बुलाने चले गए। इस दौरान कोतवाल भीड़ के बीच में थे। अभी तहसील का कोई अधिकारी इनके पास पहुंचता कि पीछे से कार्यकर्ता हंगामा करते हुए तोडफ़ोड़ करने लगे। उधर कोतवाल भीड़ के बीच घिर जाने के बाद बचने के लिए फायरिंग किया। जवाब में उपद्रवियों की तरफ से भी फायरिंग की गई। हालांकि गोली चलाकर कोतवाल भीड़ से बाहर निकल गए और बेकाबू लोग तहसील परिसर में घुसकर तोडफ़ोड़ करने लगे। इस दौरान तहसीलदार, कोतवाल सहित अन्य के वाहन को तोडक़र क्षतिग्रस्त कर दिया गया।