आजमगढ़। बड़े अस्पतालों के आसपास होने वाली छुटपुट घटनाओं पर विराम लगाने और डाक्टर, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जल्द ही जिले के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में पुलिस की पीकेट लगाई जाएगी। जबकि थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के छोटे अस्पतालों का चक्कर लगाकर हालात का जायजा लेते रहेंगे। एसपी अजय साहनी ने सुरक्षा की दृष्टि से सरकारी अस्पताल के डाक्टरों से बड़ी घटनाओं का वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है।
बता दें कि हाल के दिनों में सरकार अस्पताल के डाक्टरों पर हमला और तोडफ़ोड़ की घटनाएं कुछ ज्यादा ही हो रही हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल सभागार में डाक्टरों की एक बैठक आयोजित की गई। उपस्थित डाक्टरों को संबोधित करते हुए डा. विनय ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हो रहे हमले को गंभीरता से लिया जाए। ताकि चिकित्सक भयमुक्त वातावरण में अपने दायित्वों को पूरा कर सके। उन्होने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। हाल में विशेषज्ञ चिकित्सकों का रूझान प्रान्तिय चिकित्सा सेवा में आने के प्रति कम हुआ है। इसका बड़ा कारण हिंसात्मक घटनाएं है। डा. विनय ने कहा कि पिछले कुछ माह में जिला महिला चिकित्सालय, मंडलीय चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कई हिंसक घटनाएं हुई। जिसमें एफआईआर भी दर्ज करायी गई। लेकिन आज तक कोई कार्यवाई नही हुई। जिससे चिकित्सक हताश है। चिकित्सकों ने मांग किया कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का कड़ाई से पालन कराया जाय। दर्ज एफआईआरों पर कार्यवाई हो, हास्पिटल में सैनिक कल्याण निगम से सेवानिवृत्त सैन्य कर्मीयों की ड्युटी आठ-आठ घंटे की तीन शिफट लगाई जाय। बैठक में सीएमओ डा. एसके तिवारी के अलावा डा. राजनाथ, डा. सुभाष सिंह, डा. देवेंद्र सिंह, डा. धनंजय पांडेय, डा. शिप्रा सिंह, डा. रश्मि सिन्हा आदि मौजूद रहे। बैठक समाप्त होने के बाद सभी एसपी से भी मुलाकात किया। डाक्टरों की मांग पर एसपी अजय कुमार साहनी ने जिले के सभी बड़े अस्पतालों के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की पीकेट लगाने और छोटे अस्पतालों में संबंधित थानाध्यक्ष को गश्त करते हुए नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही डाक्टरों को प्रत्येक बड़ी घटनाओं का वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया। ताकि इसके जरिए हंगामा करने वालों की पहचान की जा सके।