आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बैजुवापुर गांव के लोगों की शिकायत पर शुक्रवार को विकास कार्यों की जांच करने पहुंचे उपनिदेशक कृषि के समक्ष ही प्रधान और शिकायतकर्ताओं में मारपीट होने लगी। इस दौरान एक पक्ष ने लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग भी किया। हालांकि गोली किसी को लगी नहीं। घटना के संबंध में दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर 12 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वालों में एक पक्ष से शंभूनाथ सिंह का नाम शामिल है। शंभू सिंह ने प्रधानपति कुंवर रणंजय सिंह, मानबहादुर, मकरंद सिंह, विवेकानंद, राकेश मौर्य, नीरज और धीरज सिंह को आरोपित किया है। जबकि दूसरे पक्ष से प्रधानपति रणंजय सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। रणंजय ने शंभूनाथ सिंह, पंकज सिंह, वीरबहादुर, अरविंद सिंह और बलवंत सिंह को आरोपित किया है। बता दें कि शंभूनाथ सिंह ने प्रधानपति रणंजय सिंह के ऊपर विकास कार्यों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर उपनिदेशक कृषि मामले की जांच करने पहुंचे। शुक्रवार की शाम गांव के सरकारी स्कूल में दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ कर ही रहे थे कि दोनों पक्ष आपस में कहासुनी के बाद मारपीट करने लगा। इस दौरान एक पक्ष की तरफ से लाइसेंसी बंदूक से फायर किया गया। हालांकि गोली किसी को लगी नहीं। घटना के बाद गांव में तनाव है। सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर 12 लोगों के विरुद्ध हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच एसआई दिग्विजयनाथ तिवारी को सौंपी गई है।