आजमगढ़। बीते कुछ दिनों से रौनापार, तहबरपुर, देवगांव आदि थाना क्षेत्रों में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण कराने का मामला प्रकाश में आया था। पुलिस ने प्रार्थना सभा को रोकवा कर धर्मांतरण कराने वालों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस द्वारा किसी भी मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। लोगों का आरोप है कि पुलिस की गिरफ्त से छूटे ज्यादातर आरोपी उन लोगों को अब धमकी दे रहे हैं, जिन पर मुखबिरी करने का शक है। इस संबंध में कुछ लोगों की तरफ से संबंधित थाने में तहरीर दी गई, पर भय के चलते इन लोगों ने अपनी शिकायत वापस ले ली। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि चेतावनी देने के बाद आरोपियों को छोड़ा जरूर गया है, लेकिन इनके गतिविधियों पर नजर रखी जा रही। धमकी देने के मामले में शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।