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फर्जी प्रशिक्षण मुक्ति पर नौकरी कर रहे चार शिक्षकों का वेतन रोका

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एक ही पत्रांक और तिथि पर जारी दो प्रशिक्षण मुक्ति आदेश मामले में एडी बेसिक की ओर से पत्रांक संख्या 2883-86 पर जारी आदेश को सही बताने और पत्रांक संख्या 2883-87 पर जारी आदेश के सत्यापन से इंकार करने के बाद, इस आदेश पर प्रशिक्षण मुक्त किए गए हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के चार शिखकों के वेतन पर समाज कल्याण अधिकारी ने रोक लगा दी है। एक शिक्षक पहले ही प्रधानाध्यापक के पद से रिटायर हो चुका है। हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के प्रबंधक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके बाद मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से जिले में 83 विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 1988 के बाद ये विद्यालय अनुदानित होने शुरू हुए थे। उस समय इन स्कूलों में दसों से साल से ऐसे शिक्षक कार्यरत थे जिनकी योग्यता आठवीं या दसवीं पास थी। ये अप्रशिक्षित थे। शासनादेश के बाद ऐसे शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र देने के शासनादेश जारी किए गए थे। इसे प्राप्त करने के बाद उन्हें सरकार की ओर से मानक के अनुरूप पूरा वेतन निर्धारित कर दिया जाता था। कई विद्यालयों के प्रबंधकों ने विभागीय सांठगांठ से कूटरिचत अभिलेख बनाकर इस योजना का खूब लाभ उठाया। आलाधिकारियों और सरकार की इस पर कभी नजर नहीं पड़ी और लाखों का प्रतिमाह चलता रहा।
अमर उजाला ने पिछले दिनों इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था।
भारतीय मानवाधिकारी एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने गत मंगलवार को कमिश्नर से शिकायत की थी कि एडी बेसिक के कार्यालय से निर्गत एक ही पत्रांक और दिनांक पर जारी दो प्रशिक्षण मुक्ति आदेश में एक फर्जी है। विभाग की ओर से दिनांक 13 नंवबर 1997 को पत्रांक संख्या 2883-87 पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के तैनात पांच शिक्षकों को प्रशिक्षण मुक्त दिखाया गया था। 1997 में जारी इस आदेश का सत्र फर्जी तरीके से 96-97 दिखाया गया है। इसी दिन विभाग से निर्गत 2883-86 पत्रांक पर कई स्कूलों के छह शिक्षकों को प्रशिक्षण मुक्त किया गया था। मामले की पहले भी कई बार शिकायत हुई। आदेशों पर एडी बेसिक की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं करने से समाज कल्याण अधिकारी की ओर से फर्जी आदेश पर तैनात शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनकों शासन की ओर से वेतन जारी करा शासकीय धन का दुरुपयोग किया जाता रहा। अमर उजाला की ओर से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
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एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने सत्यापन के बाद 2883-86 पत्रांक पर जारी छह शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति को सही बताया गया है। साथ ही कार्याल में अभिलेख नहीं होने पर पत्रांक संख्या 2883-87 पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के तैनात पांच शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति के आदेश को सत्यापित करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह की ओर से हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के प्रधानाध्यापक सतीशचंद्र, सहायक अध्यापक, अशोक कुमार, रामधनी यादव और दूधनाथ यादव के वेतन पर रोक लगा दी गई है। एक अध्यापक मुख्खू राम पहले ही प्रधानाध्यापक के पद से रिटायर हो चुके हैं। इसके साथ ही विद्यालय के प्रबंधक पौहारीशरण सिंह से मामले में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके बाद मामले आरोपी शिक्षकों से वेतन के रूप में जारी की गई धनराशि की रिकवरी और अन्य कार्रवाई की जाएगी।0000000000000
फर्जी आदेश पर प्रिशिक्षण मुुक्त हुए शिक्षकों का वेतन फिलहाल रोक दिया गया है। विद्यालय के स्थापना से अब तक का पूरा रिकार्ड तल किया गया है। जांच के बाद मामले जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। और ही शासकीय धन के हुए गबन की रिकवरी कराई जाएगी।
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के. रविंद्र नायक, कमिश्नर
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