आजमगढ़। गोरखपुर और बिलरियागंज थाने की पुलिस के सहयोग से रविवार की भोर में गिरफ्तार अंडाखोर गांव का प्रधान सरफराज एक दलित किशोरी से गैंगरेप के मामले में हाईकोर्ट से स्टे लेकर घूम रहा था। इस दौरान उसने साथियों संग मिलकर लूट की इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक दो ट्रक सुपारी बेचने के लिए यह सभी काफी दिनों से ग्राहक की तलाश कर रहे थे।
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के अंडाखोर गांव निवासी सरफराज अपने गांव का प्रधान है। एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह के मुताबिक सरफराज के विरुद्ध थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली दलित किशोरी के घर वालों ने बंधक बनाकर गैंगरेप करने, पंचायत कर मामले को दबाने और आरोपियों को शरण देने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई तो वह फरार हो गया और कोर्ट से स्टे ले लिया। ऐसे में पुलिस अगले आदेश का इंतजार कर रही थी। जबकि अपने दोस्तों के साथ मिलकर 27 मई को गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र से दो ट्रक सुपारी लूट लिया। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि सरफराज आदि ने लूटा गया ट्रक पहले तो अंबेडकर नगर जिले में स्थित अपने ठिकाने पर छिपाकर ग्राहक तलाश रहा था। कोई ग्राहक न मिलने पर सरफराज ने ट्रक को अपने हाते में छिपा दिया और पुन: ग्राहक की तलाश में जुट गया। उधर घटना के बाद खुलासे में जुटी बड़हलगंज थाने की पुलिस को इसका सुराग लगा तो वह रविवार की रात बिलरियागंज थाने पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापा मारकर ट्रकों को माल सहित बरामद कर लिया। सीओ सगड़ी शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि लूट के मामले में सरफराज गोरखपुर जिले से जेल में चला गया है। जेल से छूटने के बाद उसे गैंगरेप के मामले में बिलरियागंज थाने की पुलिस भी गिरफ्तार करेगी।