फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में नहीं मिले पुलिस को एक भी रोहिंग्या मुस्लिम

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। रोहिंग्या मुस्लिमों की पहचान के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जिला प्रशासन और पुलिस की सम्मिलित रिपोर्ट मांगी गई थी। एसपी की माने तो शासने से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन इस तरीके का कुछ मिला नहीं है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं शहर के रेलवे स्टेशन, बाज बहादुर और अन्य क्षेत्र में रहे कुछ संदिग्धों को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है। रोहिंग्या मुस्लमानों को लेकर देश में कई तरह के विवाद हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसके वापस भेजने की भी बात कही थी। इसके बाद पिछले दिनों प्रदेश सरकार की ओर से डीएम और एसपी को पत्र भेजकर अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों की जानकारी मांगी थी। इस संबंध में एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि शासन के निर्देश पर जानकारी की गई थी, लेकिन जनपद में ऐसा कुछ नहीं मिला। इसकी रिपोर्ट में शासन को भेज दी गई है। वहीं, शहर के रेलवे स्टेशन, बाज बहादुर और अन्य क्षेत्रों में बाहरी भाषा से संबंधित कुछ संदिग्धों को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गरम है। स्थानीय लोगों की माने तो इनकी बोली बंग्ला जैसी है। ये आमतौर पर शहर में कूड़े बीनने और फेरी आदि लगाने का काम करते हैं। कुछ के कार्य भी संदिग्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस भी इस दिशा में कुछ नहीं कर रही है। उधर, खुफिया विभाग के इनपुट में भी अभी तक जनपद में कोई रोहिंग्या मुस्लिम नहीं मिला है। कुछ समय सरायमीर क्षेत्र में एक संदिग्ध मिला ता, लेकिन उसके पास आवश्यक दस्तावेज थे। हालांकि उनका कहना है कि अभी इस बारे में और इनपुट जटाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें