आजमगढ़। नगर के जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को एक नवजात के शव के साथ कुत्तों द्वारा क्षतिग्रस्त करने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डा. अमिता अग्रवाल ने कहा कि हमने बच्चे के शव को परिजनों के हवाले कर दिया था। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार नहीं किया तो इसमें हमारा क्या दोष।
शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डा. अमिता अग्रवाल ने कहा कि शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में तीन बच्चों की पैदाइश हुई थी। जिसमें से दो बच्चे मर गए थे। दोनों बच्चों के शव को उनके परिजनों के हवाले करते हुए अंतिम संस्कार करने के लिए कहा गया था। लेकिन उक्त मरीज दूर का होने के कारण बच्चे के शव को अंतिम संस्कार करने के बजाए बेड के नीचे रखकर सुबह होने का इंतजार कर रहा था। इसी बीच कुत्ता पहुंचा और उसे ले भागा। इसमें हमारा क्या दोष है। हम कुत्ते को रोकने के लिए अस्पताल के गेट बंद नहीं कर सकते। अस्पताल की सुरक्षा के लिए होमगार्ड के साथ चौकीदार की तैनाती के बाद अगर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका का ऐसा बयान खुद अस्पताल प्रशासन की पोल खोल रहा है।