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पुलिस की चौकसी देखकर नहीं आया राकेश

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आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार में अमिलिया मोड़ पर 14 सितंबर की दोपहर हुए एनकाउंटर में 15 हजार रुपये का ईनामी बदमाश रामजी पासी ढेर हो गया। जबकि साथी राकेश पासी दूसरे की बाइक लूटकर फरार हो गया। तभी से पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस को सूचना मिली कि वह अदालत में समर्पण करने वाला है। इस सूचना के बाद 20 सितंबर से लगातार पुलिस न्यायालय के गेट पर पहरा दे रही है। शुक्रवार को भी सीओ नगर के नेतृत्व में तीन थानों की फोर्स तैनात रही। भारी सुरक्षा देखकर बदमाश नहीं आया। अदालत गेट पर खाकी का जमावड़ा होने से वकील और वादकारियों में कौतुलहल बना रहा।
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तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला राकेश पासी गोरखपुर जेल में निरुद्ध कुख्यात बदमाश श्यामबाबू पासी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह 19 जुलाई को शहर के बागलखराव पुल के पास हुए मुठभेड़ में पुलिस के अधिकारियों पर गोली चलाते हुए फरार हो गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी कि 14 सितंबर को पुलिस को राकेश के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के श्रीरामगंज बाजार में आने की सूचना मिली। सही मुखबिरी का फायदा उठाते हुए पुलिस रामजी पासी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जबकि राकेश पुलिस के चंगुल से बच निकला और एक व्यक्ति की बाइक लूटकर फरार हो गया। तभी से पुलिस राकेश की सरगर्मी से तलाश कर रही है। 20 सितंबर को सूचना मिली कि राकेश पुलिस से बचने के लिए अदालत में समर्पण कर सकता है। इसको देखते हुए न्यायालय के तीनों गेट पर भारी फोर्स लगा दी गई। कोर्ट के आसपास पुलिस का पहरा देखकर बदमाश नहीं आया। पुलिस उसकी तलाश में तभी से जुटी हुई है। शुक्रवार को सीओ नगर सच्चिदानंद के नेतृत्व में शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह, प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय गिरीश चंद्र सेठ के अलावा सिधारी थाने की फोर्स लगाई गई थी। शाम तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। उधर अदालत के गेट से लेकर परिसर तक भारी फोर्स की तैनाती होने से लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।
न्यायालय गेट और परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स लगाई गई थी। यह सामान्य प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है। सुरक्षा की दृष्टि से न्यायालय के आसपास रोजाना ही फोर्स तैनात रहती है। जो गतिविधियों की जानकारी लेते रहते हैं। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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