मुहर्रम के जूलूस की वजह से बरदह थाना क्षेत्र के पुरसुड़ी गांव में शनिवार की सुबह जबरन मूर्ति विर्सजन करवा दिए जाने से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि थाने पर हुए समझौते को भी पुलिसवालों ने दरकिनार कर दिया।
बरदह थाना क्षेत्र के पुरसुड़ी गांव के चौराहे पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती है। नवरात्र शुरू होने के पहले ही दिन से स्थापित यह प्रतिमा नौ दिनों तक रहती हैं। दसवें दिन गांव की परिक्रमा करने के बाद प्रतिमा का विर्सजन किया जाता है। इस वर्ष विजयदशमी के दिन ही मोहर्रम का जुलूस निकलने की वजह से थाने पर दोनों पक्षों की मीटिंग बुलाई गई। इसमें निर्णय लिया गया कि दशमी के दिन पूजा समिति के लोग दोपहर बारह बजे तक प्रतिमा को लेकर गांव का परिक्रमा करने के बाद गांगी नदी में विसर्जन कर देंगे। इस पर दोनों पक्षों में सहमती जताई थी। लेकिन शनिवार को गांव का एक पक्ष थाने पर शिकायत किया कि यदि गांव में प्रतिमा गई तो बवाल हो सकता है। इस पर सीओ लालगंज रविशंकर के नेतृत्व में एसओ बरदह सुरेश चंद, देवगांव कोतवाली प्रभारी कुमुद शेखर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस थाने पर हुए समझौते को दरकिनार कर लाठी की जोर पर बगैर परिक्रमा कराए ही प्रतिमा का विसर्जन करा दिया। जबकि रात साढ़े आठ बजे से मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। पुलिस के एक पक्षीय कार्रवाई से गांव वालों में आक्रोश है।