आजमगढ़। जनपद में पिछले वर्ष 15 हजार और 16448 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में फर्जी अंकपत्र के सहारे भर्ती हुए पांच शिक्षकों के खिलाफ खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से विभिन्न थानों में तहरीर दे दी गई है। हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। रिपोर्ट दर्ज होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई है।
प्रदेश में पिछले वर्ष हुई शिक्षक भर्ती में भर्ती हुए दो शिक्षकों की शिकायत भाजपा गोरखपुर के संगठन मंत्री सहजानंद राय ने कमिश्नर से की थी। कमिश्नर के निर्देश पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. अर्चना सिंह और अपर सांख्यिकी अधिकारी सुनील सिंह ने जांच शुरू की तो पता चला कि 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में कम अंक के कारण मेरिट सूची से बाहर रहे अभ्यर्थियों ने 16448 शिक्षकों की मेरिट सूची में स्थान बना लिए। यहां तक की अंक भी बढ़ा लिए। जांच हुई तो पता चला कि दूसरी भर्ती में इन्होंने फर्जी अंकपत्र का प्रयोग किया था। इसके अलावा पहली भर्ती में सामान्य श्रेणी में प्रतिभाग करने वाले कई अभ्यर्थी थोड़े दिन बाद हुई भर्ती में विकलांग श्रेणी में आ गए थे। सामान्य श्रेणी में कई को तो टीईटी में 90 से कम अंक होने पर भी नियुक्ति दे गई थी। जांच के दौरान एसे फर्जीवाड़ा करने वाले सैकड़ों शिक्षक चिह्नित हुए। कमिश्नर के आदेश के बाद जांच अधिकारियों ने प्रभारी डीएम को पांच शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी थी। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने पांचों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश प्रभारी बीएसए को दिए थे। बीएसए प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि विभिन्न खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से सहायक अध्यापक असाउर सठियांव प्रभाकर मिश्र, बलुआं अजमतगढ़ में तैनात छोटेलाल, बरहीं जहानागंज में तैनात शिवमुनी यादव, बड़सरा खालसा तहबरपुर में तैनात यादव उषा और बांसगांव महाराजगंज में तैनात रमेश खिलाफ थाने में तहरीर दे दी गई है। 15 अगस्त को दी गई तहरीर के बाद भी अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर सीडीओ अभिषेक सिंह बीएसए से नाराजगी भी जताई है।