आजमगढ़। देवगांव कोतवाली के स्टाफ में काफी दिनों से सुलग रही विवाद की चिंगारी सोमवार को भड़क गई और नाराज दरोगा ने कोतवाल को अपशब्द कहते हुए मारने के लिए दौड़ा लिया। दरोगा के समर्थन में दो सिपाही भी उतर गए। हालांकि कोतवाल किसी तरह से अपनी जान बचाने में सफल रहे और घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, तो मामले की जांच की जा रही। उधर कोतवाल के समर्थन में थाने का अन्य स्टाफ उतरा और एसपी को पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया।
कोतवाल देवगांव विष्णु कुमार मिश्रा के मुताबिक लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनका स्थानांतरण बाराबंकी से आमजगढ़ हुआ। यहां आने पर देवगांव कोतवाली का चार्ज दे दिया गया। कोतवाल के मुताबिक थाने पर एक दरोगा और तीन सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध है। यह लोग कहने के बावजूद कोई काम नहीं करते, बल्कि अपराधियों को ही सह देते हैं। इस पर उन्होंने सोमवार को दरोगा और सिपाहियों को डांट दिया तो नाराज दरोगा और सिपाही कोतवाल विष्णु कुमार मिश्रा को ही मारने के लिए दौड़ा लिया। हालांकि किसी तरह से कोतवाल अपनी जान बचाकर उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने सीओ लालगंज को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट मांगा। उधर कोतवाल देवगांव के समर्थन में थाना का अन्य स्टाफ उतरा और उच्चाधिकारियों को पत्र देकर सच से अवगत कराया। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सीओ और एसपीसिटी की जांच रिपोर्ट आने पर कोतवाल देवगांव विष्णु कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अन्य दोषी दरोगा और सिपाहियों के भूमिका की जांच कराई जा रही।