आजमगढ़। गैर सरकारी संस्था द्वारा प्रदेश में ताबड़तोड़ हुई मुठभेड़ों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 12 फरवरी का दिन निर्धारित किया है। अपीलकर्ता की तरफ से मुठभेड़ों की जांच सीबीआई से कराने की अपील की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस प्रकार की अपील और सुनवाई के लिए दिन निर्धारित किए जाने से जिले के कई अधिकारी औैर कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। पुलिसवाले मुठभेड़ से जुड़ी फाइलों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं। यदि इस मामले की जांच शुरू हुई तो सबसे पहले जिले का ही नाम आएगा। क्योंकि एनकाउंटर के मामलों में जिला पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर है। चार अगस्त 2017 को मेंहनगर थाना क्षेत्र में जिले का पहला ऐसा एनकाउंटर हुआ। जिसमें पुलिसवालों ने डी नाईन गिरोह के सक्रिय सदस्य 15 हजार रुपये के ईनामी जयहिंद यादव को ढेर कर दिया। इसके बाद पुलिस द्वारा एक के बाद एक एनकाउंटर कर कुल छह बदमाश ढेर कर दिए गए। जबकि 60 से अधिक बदमाश पुलिस की गोली से घायल होकर जेल के अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें से दिल्ली पुलिस द्वारा घोषित एक लाख रुपये का इनामी भीम उर्फ सागर का एक पैर ही काट दिया गया है। जिले में मुठभेड़ में ढेर होने वालों में जयहिंद के अलावा डी नाइन गिरोह का सरगना सुजीत उर्फ बुढ़वा, रामजी पासी, राकेश पासी, छन्नू सोनकर, मुकेश राजभर का नाम शामिल है। पुलिस द्वारा ढेर किए गए इन अपराधियों का पूर्वांचल में आतंक रहा है। सभी के खिलाफ लूट, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इन बदमाशों पर एक्शन होने से ना केवल जिले में अपराध का पारा घट गया। बल्कि आमजन भी अमन-चैन से इधर-उधर घूमने लगे। अन्यथा इन बदमाशों के भय से कई लोग भूमिगत हो गए थे।