आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के अकबेलपुर पुल के पास शनिवार की सुबह हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार दोनों बदमाशों से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि इनके गिरोह में 16 से अधिक नए लड़के शामिल हैं। सभी लोगों का नेतृत्व घायल बदमाश प्रह्लाद ही करता था। बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर में भाग जाता था। उसके आपराधिक कृत्यों से परेशान होने के बाद उसके ऊपर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 13 नवंबर की दोपहर जहानागंज थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में स्थित गैंस एजेंसी से हुई लूट की घटना के बाद गहनता से जांच पड़ताल हुई तो पता चला कि इसके एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने नहीं बल्कि तीन बाइक पर सवार सात बदमाशों ने अंजाम दिया है। एजेंसी पर प्रह्लाद, आशीष के अलावा एक अन्य आशीष पासवान गया हुआ था। जबकि अन्य बदमाश इधर-उधर रैकी कर रहे थे। एसपी ग्रामीण के मुताबिक इस घटना के खुलासे में काफी परेशानी होती लेकिन संयोग ही रहा कि घटना के कुछ ही देर बाद एक संदिग्ध पकड़ लिया गया। उसके जरिए बदमाशों के नाम और पते की जानकारी लगभग हो गई। तभी से पुलिस इनकी तलाश मेें लगातार लोकेशन ले रही थी। गिरफ्तारी के भय से ही गाजीपुर जिले के रहने वाले इनके दो साथी ऋषिकेश और राहुल गुरुवार को अदालत में समर्पण कर लिया। जबकि अन्य सभी भी छिपने की फिराक में थे। उधर, बदमाशों का लगातार लोकेशन लेते हुए अपने मुखबिरों को लगा दिया गया। इसी के चलते इन बदमाशों को छिपने का कोई मौका नहीं मिल पाया। इनकी गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में दबिश दिया जा रहा था। बदमाश कहीं और शरण लिए हुए थे। शनिवार की सुबह चार बदमाश किसी घटना को अंजाम देने के लिए निकले। इनमें से दो गिरफ्तार कर लिए गए जबकि दो फरार हो गए। एसपी ग्रामीण ने बताया कि अब तक इन लोगों द्वारा वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़ आदि जिलों में छोटी-बड़ी लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद प्रह्लाद यादव पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर के अपने किसी रिश्तेदार के यहां जाकर छिप जाता था। मामला शांत हो जाने के बाद वहां से लौटता था, लेकिन इस बार प्रह्लाद को कहीं भागने का मौका नहीं दिया गया।
सर्फूद्दीनपुर मुहल्ले में बनाए थे ठिकाना
आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के अकबेलपुर पुल के पास शनिवार की सुबह हुई पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों बदमाशों की मानें तो यह लोग सिधारी थाना क्षेत्र के सर्फूद्दीनपुर मुहल्ले में छिपने का ठिकाना बनाए हुए थे। यहीं शहर में छिकर रहते थे और घटनाओं को अंजाम देने के बाद यहीं रुक जाते थे। बाद में ट्रेन या बस में बैठकर इधर-उधर कहीं निकल जाया करते थे। बदमाशों को शरण देने वाला भी फरार है। उसकी भी तलाश की जा रही। सीओ सदर मो. अकमल खां के मुताबिक देवगांव कोतवाली क्षेत्र के करिया गोपालपुर गांव निवासी एक युवक सिधारी थाना क्षेत्र के सर्फूद्दीनपुर मुहल्ले में किराए का मकान लिया है। उसी मकान में शरण लेकर रहते थे। इसके अलावा प्रह्लाद यादव की मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव गांव में रिश्तेदारी थी। उसके बहन का यहां पर घर है। इसलिए अक्सर वह बहन के घर भी रुक जाया करता था। सफूद्दीनपुर मुहल्ले शहर से सटा हुआ है। इस मुहल्ले के नजदीक रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्ग होने की वजह से बदमाश इसका फायदा भी उठाते थे। सीओ ने बताया कि घटना के बाद से ही बदमाशों को शरण देने वाला फरार चल रहा है। उसकी भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। सीओ ने बताया कि फरार बदमाशों की गिरफ्तारी होने के बाद और भी कई चौकाने वाले तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।
डीआईजी ने जाना घायल सिपाही का हाल
आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के अकबेलपुर पुल के पास शनिवार की सुबह हुई मुठभेड़ में दो बदमाश और एक सिपाही के घायल होने की सूचना पर डीआईजी विजय भूषण, एसपी रविशंकर छवि जिला अस्पताल पहुंचे। घायल सिपाही का कुशल क्षेम पूछा। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी ने पुलिस टीम को बधाई दी। जिस दिन बदमाशों ने इंडेन गैस एजेंसी पर 3.41 लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम दिया। उसी दिन शाम को मौका मुआयना करने पहुंचे डीआईजी ने जल्द से जल्द घटना के खुलासा करने का दावा किया। घटना के चार दिन बाद शनिवार की सुबह जहानागंज थाने की पुलिस ने डीआईजी के दावों को सच कर दिखाया।