आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में गुरुवार को एक डॉक्टर द्वारा मरीज को बाहर की दवा लिखी गई। जिसका मरीज के तीमारदार ने विरोध किया तो अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ मारपीट पर उतारू हो गए। डॉक्टरों की तरफ से मरीज लेकर गए तीमारदार व हथिया गांव के प्रधान के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी गई। मामला संज्ञान में आने पर पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव भी कोतवाली पहुंच गए हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। शहर से सटे हथिया गांव के प्रधान जय सिंह सोनकर गुरुवार को किसी मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ मरीज के परिजन भी थे। मरीज को डॉ. असलम को दिखाया गया। जिस पर डॉ. असलम ने जांच लिख दी, सभी जांच बाहर से करानी थी, जिसे करा कर तीमदार जब डॉक्टर के पास पहुंचा तो उन्होंने दवाएं भी बाहर की लिखा। इस पर तीमारदार ने डॉक्टर से अंदर की दवा लिखने को कहा तो इसी बात को लेकर डॉक्टर व तीमारदार के बीच विवाद हो गया। हो हल्ला सुन कर प्रधान भी डॉक्टर कक्ष में पहुंच गए जहां अस्पताल के अन्य डॉक्टर और स्टाफ भी आ गए। फिर क्या था दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। डॉक्टरों ने शहर कोतवाली में प्रधान के खिलाफ तहरीर दी। वहीं प्रधान पक्ष की तरफ से भी तहरीर दी गई है। प्रकरण की जानकारी पर पूर्वमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव भी कोतवाली पहुंच गए और देर शाम तक कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच पंचायत की कवायद चलती रही। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पताल में चल रही मनमानी और भ्रष्टाचार का मुद्दा विधान सभा में उठाउंगा।