आजमगढ़। शराब के लिए रुपये न देने पर जिस कलयुगी बेटे ने पीट-पीटकर अपनी मां राधिका देवी की हत्या कर दी, उसी बेटे के पांच वर्षीय पुत्र शुभम ने पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम तमसा नदी के तट पर स्थित राजघाट श्मशान भूमि में दादी को मुखाग्नि दी। मां की मौत के बाद राधिका ही शुभम का सहारा थी।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के बेनूपुर गांव निवासी राधिका देवी (75) पत्नी स्व. रामबचन सिंह का सबसे छोटा बेटा रविंद्र सिंह शराब पीने का आदती थी। गांव वालों के मुताबिक शराब के लिए रुपये मांगने के विवाद में ही रविंद्र ने सितंबर 2015 में रविंद्र अपने बड़े भाई वीरेंद्र सिंह का गला घोंटकर हत्या कर दी। उसकी लाश दूसरे दिन गांव के उत्तर बेसो नदी में उतराई मिली थी। वीरेंद्र की मौत से उसके दो बच्चे अनाथ हो गए। वीरेंद्र की मौत के बाद राधिका पुत्र मोह में आ गई और रविंद्र के कृत्य पर पर्दा डालकर मामले को दबा दिया। शराब की वजह से ही रविंद्र के पत्नी की मौत हो गई। उसके पांच वर्षीय बेटे शुभम का पालन-पोषण उसकी दादी राधिका ही कर रही थी। गुरुवार की रात शराब के लिए रुपये न देने पर रविंद्र ने अपनी मां राधिका देवी की भी पीट पीटकर हत्या कर दी। घटना के संबंध में राधिका के बड़े बेटे अमरनाथ सिंह की बेटी चांदनी ने तहरीर देकर चाचा के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।