आजमगढ़। प्रदेश के कुछ जिलों में जहरीली शराब के पीने से हुई 50 से अधिक लोगों की मौत से हलाकान प्रशासन द्वारा सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही शनिवार से सघन तलाशी अभियान चलाकर चेकिंग और शराब माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इस क्रम में शनिवार को सभी थाने की पुलिस अपने-अपने क्षेत्र के ईंट भट्ठों सहित अन्य संदिग्ध अड्डों की सघन तलाशी ली गई। साथ ही लाउडस्पीकर लगाकर एलान किया गया कि अवैध शराब से यदि किसी की मौत हुई तो संबंधित दोषी को फांसी की सजा दिलवाई जाएगी। आजमगढ़ जिला अवैध शराब का हब बना हुआ है। यहां से तैयार होने वाली शराब की सप्लाई पूर्वांचल के अन्य जिलों सहित बिहार प्रदेश में भी सप्लाई होती है। अवैध शराब की वजह से ही जिले में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सहारनपुर, कुशीनगर और रुढ़की में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी घटना से हलाकान डीजीपी द्वारा पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर शराब माफियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिस क्रम में शनिवार को पूरे जिले में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र के ईंट भट्ठों सहित अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापामार कर तलाशी ली गई। साथ ही लाउडस्पीकर से एनाउंस करवाया कि यदि जहरीली शराब पीने से किसी की मौत हुई तो उसे फांसी दिलवाया जाएगा। कोतवाल देवगांव अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आबकारी धारा में हुए संसोधन के बाद जहरीली शराब पीने से मौत होने पर संबंधित आरोपी को फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। उसके विषय में सभी को अवगत करा दिया गया।
मिथाइल की सप्लाई पर लगे रोक
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि जिले में शराब पीने से अब तक जितनी भी मौत हुई है। उसके पीछे शराब में मिथाइल की मात्रा अधिक होने की वजह से हुई है। वर्ष 2017 में रौनापार थाना क्षेत्र में हुई मौत के पीछे कच्ची शराब में मिथाइल की मात्रा अधिक पाई गई थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि जहरीली शराब से होने वाली मौत पर रोक लगाना है तो सबसे पहले मिथाइल की होने वाली सप्लाई पर रोक या सख्ती बरतनी होगी। यदि ऐसा हुआ तो ना केवल राजस्व बढ़ेगा। बल्कि इस प्रकार की घटनाओं पर भी रोक लग जाएगी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि जिले में अभियान चलाकर अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही।