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परिवार के लोगों ने ही की थी शिक्षिका की हत्या

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आजमगढ़। प्रेमी से फोन पर घंटों बातचीत करने से नाराज परिवार के लोगों ने ही शिक्षिका कविता (26) की हत्या कर दी थी। घर के पास हत्या करने के बाद लाश पोखरे के पास ले जाकर फेंके थे। घटना की गहन जांच पड़ताल के दौरान साक्ष्य सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को अनवरगंज बाजार से उसके पिता अभयराज, चाचा शिवचंद्र और भाई सूरज को गिरफ्तार कर ली। पूछताछ के दौरान इन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का चालान कर दिया। एसपीसिटी सुभाष चंद्र गंगवार के मुताबिक कंधरापुर थाना क्षेत्र के मातंगपुर गांव निवासी शिक्षिका कविता की 18 अगस्त को हत्याकर लाश गांव के पोखरे से बरामद हुई थी। उसके कई दांत टूट गए थे। गले पर चोट के निशान और शरीर के कई भागों पर दांत से काटने के निशान थे। उसकी मोबाइल और चप्पल पोखरे के पास से बरामद हुई थी। पुलिस कविता के पिता अभयराज की तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की। घर वालों से पूछताछ के दौरान पता चला कि वह भोर में गायब हुई थी। इसी बात पर पुलिस का शक गहरा गया कि भोर से जिसकी लड़की गायब है वह खोजबीन तो दूर की बात रही, पुलिस तक को फोन नहीं किया। इसी शक के बिना पर पुलिस उसके घर वालों से पूछताछ करती रही, लेकिन यह लोग सही बात बताने की बजाय इधर उधर टरकाते रहे। कविता के मोबाइल का सीडीआर आने पर पता चला कि वह घटना वाले दिन एक नंबर पर काफी देर तक बात की है। पूछताछ के दौरान पता चला कि वह कविता के गांव का दीपक है, जो कहीं बाहर रहकर नौकरी करता है। जिससे करीब दस वर्ष से उसका संबंध था। दीपक से कविता के संबंध को लेकर तनाव था। इसी शक के बिना पर घर वालों को पुन: पूछताछ के लिए बुलाया गया तो वे भागने लगे। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर एसओ कंधरापुर संदीप यादव ने तीनों को अनवरगंज बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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इस प्रकार दिए घटना को अंजाम
आजमगढ़। कंधरापुर थाना क्षेत्र के मातंगपुर गांव निवासी शिक्षिका कविता की हत्या में शामिल उसके पिता, चाचा और भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इन तीनों ने बताया कि 17 अगस्त की रात को कविता अपने प्रेमी दीपक से फोन पर बात कर रही थी। एसओ कंधरापुर संदीप यादव ने बताया कि फोन वाली बात से नाराज तीनों आरोपी कविता को घर के पास मौजूद इंडिया मार्का हैंडपंप के पास ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दिया। इसके बाद उसकी लाश घसीटते हुए पोखरे के पास ले जाकर पोखरे के पास बने गड्ढे के पास रख दिया। इन्हें उम्मीद थी कि गांव के लोग देखने के बाद घर वालों को बताएंगे। इसके बाद शोर मचाया जाएगा। लेकिन 18 अगस्त को सुबह नौ बजे तक किसी की नजर उधर नहीं गई तो परिवार के लोग कविता को ढूंढने का नाटक करते हुए खोजने लगे और कुछ देर बाद यही लोग मौके पर जाकर उसकी लाश को देख शोर मचाने लगे। शव मिलने के बाद भी पुलिस को नहीं बताया, बल्कि डायल 100 पर फोन कर गांव वालों ने सूचना दी। यही बात पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाई।
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