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दुष्कर्म के मामले में चिकित्स को 10 साल का कारावास

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आजमगढ़। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम धीरेन्द्र प्रताप की अदालत ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी को 10 साल कारावास और 15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास बुगतना पड़ेगा। महराजगंज थाना क्षेत्र निवासी की बेटी डाक्टर श्रीराम के यहां गिलटी का ईलाज कराने जाती थी। एक अगस्त 2013 को डा. श्रीराम ने उसे को बेहतर ईलाज के बहाने बहला-फुसलाकर साइकिल से लेकर जा रहे थे। गांव के पास सुनसान स्थान देखकर गन्ने के खेत में उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उनकी मां को सूचना दी। मां ने केस दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश चन्द्र श्रीवास्तव ने पीड़ित पक्ष की ओर से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अमिता अग्रवाल, जांच अधिकारी संजय कुमार, अशोक तिवारी सहित कुल छह लोगों का बयान दर्ज हुआ। पांच वर्ष तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त डा. श्रीराम हरिजन को धारा 376 के तहत दोषी पाया। उन्हें 10 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और 10 हजार का जुर्माना तथा धारा 506 के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार का जुर्माना देने की सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता को जुर्माने की रकम से 10 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया।
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