आजमगढ़। रिश्तेदारोंी के कान जमीन खरीद और मृतक की जमीन का 96 लाख रुपये मुआवजा हड़पने का आरोपी खुलेआम घूम रहा है। वहीं, सीओ सिटी और कोतवाल का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। ऐसे में पुलिस के दावे और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
वाराणसी-लुंबनी नेशनल हाईवे में कई किसानों की जमीन गई। हाईवे में जमीन के आने की जानकारी विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने किसानों को प्रभावित कर जमीन का बैनामा करा लिया। नाते-रिश्तेदारों सहित अन्य लोगों के नाम जमीन खरीद मुआवजा लेने का खेल किया गया। मामले की जानकारी हुई तो कार्यालय के अमीन के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की भी कार्रवाई हुई। अधिकारियों का चहेता बाद में फ्रि बहाल हो गया। कुछ माह पहले बूढ़नपुर के भीलमपुर छपरा निवासी 20 साल से लापता एक व्यक्ति की जमीन हाईवाई में आने पर फर्जी लोगों को खड़ा कर 96 लाख रुपये हड़प लिए गए थे। मामले की एफआईआर शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उन्होंने एक अधिकारी और विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी का भी नाम लिया। इसके बाद पुलिस अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाएई। एसपी अजय कुमार साहनी ने मामले की जानकारी के लिए सीओ सिटी सच्चिदानंद को तलब किया तो उन्होंने कहा कि आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही कलक्ट्रेट से कर्मचारी के कार्य का विवरण भी मांगा गया है। पुलिस कर्मचारी के फरार होने की बात कह रही है। वहीं आरोपी कर्मचारी रोजाना कलक्ट्रेट और आसपास क्षेत्र में मौजूद रहता है। इस स्थिति में पुलिस और प्रशासन के कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
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96 लाख रुपये के गोलमाल के मामले में विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग के कर्मचारी की भूमिका उजागर होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही उसके कार्यालय से कार्य का विवरण मांगा गया है।
- सच्चिदानंद, सीओ सिटी
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विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात लिपिक द्वारा नेशनल हाईवे के मुआवजा बांटने सहित अन्य मामलों में लाखों रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। इसके जरिए वह अपना बड़ा काला साम्राज्य भी खड़ा कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
- अजय कुमार साहनी, एसपी