आजमगढ़। बगैर काम पूरा कराए ही 12 लाख रुपये का भुगतान कराने के लिए शनिवार को जल निगम कार्यालय में पहुंचे दो ठेकेदार और उनके समर्थक अधिशासी अभियंता निर्माण खंड द्वितीय एसके सिंह के आफिस में घुसकर उनसे अभद्रता किया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। भीड़भाड़ वाले दफ्तर में इस प्रकार की घटना होने से अफरा-तफरी मच गई। विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने किसी तरह से बीच बचाव किया। देर शाम को अधिशासी अभियंता ने शहर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही। जल निगम विभाग के अधिशासी अभियंता निर्माण खंड द्वितीय एसके सिंह द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक शनिवार की दोपहर वह अपने आफिस में बैठकर सरकारी काम निपटा रहे थे। तभी शहर कोतवाली क्षेत्र के कम्हेनपुर भंवरनाथ गांव निवासी ठेकेदार राजेश कुमार, सुरेंद्र यादव अपने-अपने समर्थकों के साथ उनके आफिस में घुसे। यह लोग महुवा पेयजल योजना के तहत मानक के विपरीत हुए काम का 12 लाख रुपये का भुगतान करने की जिद करने लगे। जबकि जांच में इनके काम की गुणवत्ता खराब पाई गई है। योजना के मुताबिक काम न होने पर किसी भी तरह का भुगतान करने पर शासन से रोक लगी है। ऐसे में हमने भुगतान करने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर ठेकेदार और समर्थक एसके सिंह यादव के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई करने लगे। दफ्तर में तमाम लोग मौजूद रहे। शोर शराबा होने पर लोग पहुंचे और मामले को शांत कराया। भीड़ इकट्ठा होने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। घटना के संबंध में देर शाम को अधिशासी अभियंता ने प्रभारी एसपी/एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह से मिलकर शिकायत किया। एसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली में ठेकेदार राजेश कुमार, सुरेंद्र यादव आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामले की जांच की जा रही।