आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार गांव के पास 17 अगस्त की रात शेषमणि सिंह की मौत दुर्घटना के चलते नहीं हुई, बल्कि उसकी हत्या की गई है। गहन जांच पड़ताल के बाद शक यकीन में बदलने पर पुलिस दर्ज कराई गई दुर्घटना की रिपोर्ट को हत्या की धारा में तरमीम कर दी है। आरोपियों की धर पकड़ के लिए घात लगाकर उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही। पुलिस का मानना है कि शेषमणि की हत्या में उसके नजदीकी भी शामिल हो सकते हैं। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार गांव निवासी शेषमणि सिंह की जून 2018 में शादी हुई थी। वह भोपाल की एक दवा कंपनी में काम करता था। शादी के बाद वह भोपाल चला गया था। अपनी पत्नी को साथ ले जाने के लिए गांव लौट रहा था। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का शेषमणि सिंह 17 अगस्त की दोपहर करीब एक बजे वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उतर गया था। घरवालों को यह जानकारी थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। रात करीब दो बजे देवगांव कोतवाली पुलिस और गांववालों के जरिए पता चला कि शेषमणि सड़क हादसे में घायल हो गया है। उसका सीएचसी लालगंज में इलाज चल रहा। जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, शेषमणि आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित चेवार गांव में जिस स्थान पर उतरा था। वहां से उसके घर की तरफ जाने वाला रास्ता करीब सात सौ मीटर आगे था। उसके शरीर पर सिर्फ शर्ट और अंडरवीयर था। उसके कपड़े निकाले गए थे। यहीं से पुलिस सहित घर वालों को शक हुआ कि आखिर कपड़ा निकालकर कैसे दुर्घटना हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शेषमणि के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। घटनाक्रम, पीएम रिपोर्ट से मामला संदिग्ध होने पर पुलिस शेषमणि सहित उसके अन्य नात, रिश्तेदारों के मोबाइल का डिटेल निकलवाकर खंगाल रही है। गहन जांच पड़ताल के दौरान तथ्य सबूत हाथ लगने पर पुलिस अज्ञात रोडवेज बस के विरुद्ध दर्ज कराई गई रिपोर्ट को हत्या में तरमीम कर दी। आरोपियों के गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
पिता की तहरीर पर पहले दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। साक्ष्य और सबूत मिलने पर उसे हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया। मोबाइल सहित अन्य नेटवर्कों के जरिए आरोपियों का पता लगाया जा रहा। जल्द ही कामयाबी मिलने की उम्मीद है। - रविशंकर छवि, एसपी