लाटघाट। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चुनहवा माइनर के पास तस्करी के लिए छिपाकर रखी गई एक लाख रुपये मूल्य की लकड़ी रविवार को बरामद कर ली गई। वनकर्मियों और लकड़ी तस्करों की मिली भगत से यह खेल जोरों पर खेला जा रहा। डीएफओ के निर्देश पर वनविभाग जीयनपुर के रेंजर ने सारी लकड़ी को वन विभाग परिसर में रखवा दिया। साथ ही अज्ञात लकड़ी तस्करों के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जीयनपुर क्षेत्र में स्थित वन विभाग कार्यालय से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर चुनहवा माइनर के पास छिपाकर भारी मात्रा में सरकारी लकड़ी रखी गई थी। यहां अक्सर सरकारी लकड़ी रखी जाती है जो बाद में गायब हो जाती है। इसीक्रम में रविवार को भारी मात्रा में लकड़ी का बोटा देखकर क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना डीएफओ शेषनरायण मिश्रा को दी। सूचना मिलने के बाद डीएफओ ने कार्रवाई का निर्देश दिया। रविवार की सुबह वन विभाग की टीम पहुंची और सरकारी लकड़ी की पुष्टि होने पर सभी जब्त कर ली। बरामद लकड़ी की कीमत एक लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पूछताछ के दौरान गांव वालों ने वन अधिकारियों को बताया कि जीयनपुर वन रेंज के अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से क्षेत्र में लकड़ी तस्करी का खेल जोरों पर खेला जा रहा है। डीएफओ के निर्देश पर सारी लकड़ी जीयनपुर वन विभाग कार्यालय में रखवा दी गई है। घटना के संबंध में वनरक्षक अवध बिहारी ने जीयनपुर कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। डीएफओ शेषनरायण मिश्रा ने बताया कि पूरी लकड़ी जब्त कर ली गई है। साथ ही पूरे घटना की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।