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चिकित्सक पर दो स्थानों पर ड्यूटी करने का लगाया आरोप

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आजमगढ़। मुकेरीगंज में हुए अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसे एक व्यक्ति की मौत बुधवार को सुबह सिधारी स्थित निजी नर्सिंग होम में हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर पहले तो अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद हर्रा की चुंगी तिराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने चिकित्सक पर दो जगह कार्य करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम होने की सूचना पर एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वो नहीं मानें तो अधिकारियों ने धरनारत लोगों की डीएम से बात कराई। डीएम ने सीएमओ के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। शहर कोतवाली के शेखपुरा गांव निवासी मृत युवक अजय मौर्या (30) मुकेरीगंज मुहल्ला निवासी खिलाड़ी के यहां फूलमाला सजावट का काम करता था। 17 मार्च की शाम को हुए पटाखा विस्फोट में वो गंभीर रुप से झुलस गया था। उसका शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां उपचार के दौरान बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गई। अजय मौर्या की मौत से नाराज गांव के लोगों ने उसकी लाश लेकर हर्रा की चुंगी तिराहे पर जाम लगा दिया। जाम करने वालों में शामिल सुरेंद्र, डब्बू, ज्ञानू का आरोप था कि जिला अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक शहर के निजी अस्पताल में भी ड्यूटी करते हैं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को रेफर कर प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर इलाज करते हैं। जिस समय अजय मौर्या जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था, उस समय इसी डॉक्टर ने अजय को रेफर कराकर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जाम लगने की सूचना पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसपी सिटी कमलेश बहादुर मौके पर पहुंचे। जाम करने वालों से डीएम की बात कराई। डीएम के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि सीएमओ के नेतृत्व में तीन लोगों की जांच टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं चिकित्सक डॉ. सुभाष सिंह का कहना है कि जब यह घटना हुई वह रासेपुर में थे। उनकी ड्यूटी भी नहीं थी। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो वह भागे-भागे आए। उनके आने से पहले ही कई मरीज रेफर हो चुके थे। उन्होंने बाकी मरीजों का उपचार शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने सात मरीजों को रेफर किया लेकिन दो मरीज ऐसे थे जो यहां से हायर सेंटर नहीं गए। जैसे ही इन लोगों ने हंगामा करना शुरू किया सारे मरीजों को रेफर कर दिया गया।
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सीएफओ और एसएचओ कोतवाली के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
आजमगढ़। मुकेरीगंज में अवैध पटाखा गोदाम में रविवार को हुई घटना में अब तक नौ की मौत हो चुकी है। इसके लिए नगर कोतवाल, चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही को दोषी मानते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह ने निलंबित कर दिया था। वहीं डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने भी जिस समय पटाखा दुकान का लाइसेंस नवीनीकरण हुआ था, उस समय के तत्कालीन सीएफओ और नगर कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
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