तहबरपुर। थाना क्षेत्र के मधसिया गांव में गुरुवार को सेफ्टी टैंक में बांस-बल्ली निकालने के लिए घुसे तीन लोगों में दो की मौत का कारण अब तक अबुझ पहेली बना हुआ है। दम घुटने से दोनों की मौत हुई है, लेकिन दम घुटने का कारण क्या रहा यह कोई बता नहीं पा रहा है। वहीं घटना से दूसरे दिन भी गांव में कोहराम मचा रहा। मृतकों के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। तहबरपुर-भंवरनाथ मार्ग पर मधसिया गांव स्थित है। गांव निवासी 55 वर्षीय रामचंदर चौहान सड़क के किनारे मकान बनवा रहा था। मकान के आगे ही लगभग तीन माह पूर्व शौचालय का सेफ्टी टैंक बनवाया गया था। टैंक लगभग 12 फुट गहरा है। पूरी तरह से पैक टैंक में अंदर जाने के लिए मात्र एक छोटा सा ढक्कन लगा है। शुक्रवार को टैंक की सफाई और उसमें पड़े बांस बल्ली को निकालने के लिए सीढ़ी लगा कर अंदर उतर रहा था। इसी दौरान वह गिर पड़ा। यह देख मकान मालिक रामचंदर भी अंदर घुस और मजदूर को निकालने के चक्कर में वह भी बेहोश हो गया। यह देख बगल का किराना व्यवसायी पंकज गौड भी अंदर घुसा और रामचंदर को निकालने का प्रयास किया लेकिन बेहोस हो गया। इसके बाद ग्रामीण जुट गए और एक-एक कर तीनों को किसी तरह बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा गया जहां रामचंदर और मजदूर सीताराम की मौत हो गई। पंकज का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पूछने पर वह भी घटना का कारण नहीं बता सका। टैंक में आखिर ऐसा क्या था, जिससे अंदर उतरे लोग बेहोश हुए और दो लोगों की मौत भी हो गई। पुलिस अभी भी जांच पड़ताल में जुटी हुई है। घटना से गांव में शुक्रवार को भी कोहराम मचा रहा। शोक संवेदना व्यक्त करने वाले मृतकों के घरों पर जुटे हुए थे।
एक की दम घुटने से तो दूसरे की चोट लगने से हुई मौत
आजमगढ़। तहबरपुर के मधसिया गांव में सेफ्टी टैंक में उतरने से दो लोगों की मौत के बाद पीएम रिपोर्ट सामने आ गई है। पीएम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार मजदूर सीताराम की मौत चोट के चलते हुई है। वह टैंक में उतरने के दौरान गिर गया था। वहीं मकान मालिक रामचंदर चौहान की दमघुटने से मौत हुई है। पीएम रिपोर्ट में दोनों के मौत का कारण भले ही स्पष्ट हो गया है, लेकिन निर्माण के बाद प्रयोग नहीं हुए सेफ्टी टैंक में ऐसी कौन सकी गैस थी जिससे दम घुटने से रामचंदर की मौत हुई और पड़ोसी पंकज बेहोश हो गया था। इसी जांच अभी नहीं होने से मौत का कारण अनसुलझा ही है।