आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव में 31 अक्तूबर की रात पांच गोली मारकर की गई विपिन यादव की हत्या उसके सगे पट्टीदार विकास यादव पुत्र कमला प्रसाद ने किया था। मंगलवार की शाम बुढ़ऊबाबा मंदिर के पास से गिरफ्तार हुए आरोपी ने पूछताछ में इसका खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि रंजिश के चलते विपिन उसे जहां देखता वहीं पर जान से मारने की धमकी दिया करता था। इससे तंग आकर उसने विपिन की हत्या कर दी। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कर बुधवार को उसका चालान कर दिया।
बुधवार को एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि 31 अक्तूबर की रात देवगांव कोतवाली क्षेत्र के रणमो गांव निवासी विपिन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विपिन की हत्या उसके घर से करीब पांच सौ मीटर दूर डीह के स्थान पर उस समय की गई, जब गांव के लोग लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करके डीजे की धुन पर नाच, गा रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी ने गांव वालों को धमकी दी थी। जिसके चलते कोई कुछ बताने के तैयार नहीं हुआ। घटना के संबंध में विपिन के भाई मनोज यादव ने अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुट गई। मंगलवार की शाम मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर देवगांव थाना प्रभारी रुपेश सिंह ने हत्यारोपी विकास यादव को बूढ़ऊबाबा मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान विकास ने बताया कि उसका विपिन से पुरानी रंजिश चलती थी। विकास मृत विपिन की धमकी से भयभीत होकर मुंबई चला गया था। लेकिन कुछ दिन पूर्व ही घर आया हुआ था। विकास के घर आने पर पुन: विपिन धमकी देने लगा। परेशान विकास ने 31 अक्तूबर की रात उसकी हत्या कर दी।