हिंदी भाषा के उन्नयन में सक्रिय संस्था साहित्यानुरागी ने रविवार को हिंदी कार्यशाला का आयोजन सर्वोदय पब्लिक स्कूल में किया। कार्यशाला में कक्षा आठ से 12 तक के डेढ़ दर्जन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने कविता कहानी कौशल पर छात्र छात्राओं से संवाद करते हुए हिंदी भाषा के प्रति अभिरुचि का संचार किया। साहित्यकार पंकज गौतम ने कहा कि मानव मूल्य जितनी गहनता से व्यक्ति के हृदय में स्थापित होंगे उतनी ही उत्कृष्ट सृजनात्मकता आएगी। सृजनात्मकता को जब शब्द में पिरोते हैं,वह साहित्य की विधा का निर्माण करता है। यह विधा ही कहानी कविता और निबंध लेखन के रूप में प्रसारित होती है। कथाकार हेमंत कुमार ने कहा कि हमारे आसपास की घटनाओं में ही हमारी कहानी का विषय और पात्र भी होते हैं। कहानी लेखन में हम दो रास्तों का चयन करते हैं, पहले में कोई सच्ची घटना जिसमें हम वास्तविक पात्र का नाम बदलकर उस घटना में प्रेरक विषयों को शब्द में पिरो कर संकलित करते हैं। दूसरे में विभिन्न घटनाओं के अनेक बिंदुओं को संकलित कर एक काल्पनिक घटना का सृजन करते हुए उसका लेखन कर कहानी का रूप देना है। साहित्यकार डॉ जगदंबा प्रसाद दूबे ने छात्र-छात्राओं को निबंध लेखन के बारे में कहा कि जीवन के अनुभव एवं मूल्यों को संयोजित कर शब्द का सृजन करना ही निबंध है। इस अवसर पर आयोजक साहित्यानुरागी की अध्यक्ष डॉ. मनीषा मिश्रा, प्रबंधक राजेंद्र यादव, डायरेक्टर कंचन यादव, विश्वजीत चौबे, प्रधानाचार्य विधान तिवारी, डॉ.अनूप सिंह, प्रतिभा पाठक, प्रीति गिरि, विदुषी अस्थाना, सरोज यादव आदि मौजूद रहे।