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मोहब्बतपुर के चारागाह की भूमि में बनेगा गौ आश्रय स्थल

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आजमगढ़। शहर की सड़कों पर छुट्टा घूम रहे बेसहारा पशुओं से आमजन को बहुत जल्द ही निजात मिलेगी। इसके लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। मोहब्बतपुर में खाली पड़ी चारागाह की भूमि में वृहद गो आश्रय स्थल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पशु पालन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर एसडीएम सदर को भेज दी है। गांव एवं शहर में छुट्टा घूम रहे गोवंश को आश्रय देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देहात एवं शहर में गो आश्रय स्थल बनाने के निर्देश जारी किए थे। इसपर कुछ कार्य भी हुए लेकिन आमजन को राहत नहीं मिल सकी। नतीजा शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर छुट्टा पशुओं की झुंड देखी जा रही है। जिला प्रशासन ने इसी समस्या से निजात पाने के लिए प्लान तैयार किया है। पशु पालन विभाग की माने तो जिले में राज्य विश्व विद्यालय बनाने के लिए मोहब्बतपुर में भूमि की खरीद हुई थी। जब इस जमीन पर निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ तो पता चला कि यह जमीन लो लैंड है। तब सीएम ने डीएम को दूसरी जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया। कई जगहों पर जमीन देखी गई और अंत में जहानागंज विकास खंड के यशपालपुर-आजमबांध की जमीन पर प्रशासन की मुहर लगी। शासन को इस जमीन का प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन यह भूमि चारागाह की होने के कारण पेंच फंस गया। फिर क्या था सरकार ने कैबिनेट में लैंडयूज परिवर्तन करने का प्रस्ताव पास करा दिया। प्रशासन ने यशपालपुर-आजमबांध की जमीन को राज्य विश्वविद्यालय के नाम कर दिया। वहीं मोहब्बतपुर में पूर्व में विश्वविद्यालय के लिए आरक्षित की गई भूमि को चारागाह के नाम कर दिया था। जिसपर अब वृहद गौ आश्रय स्थल बनाने की तैयारी की जा रही है। करीब 50 एकड़ में वृहद गौ आश्रय स्थल बनाया जाएगा। जिसमें करीब पांच से सात हजार पशुओं को रखा जा सकेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि मोहब्बतपुर में खाली पड़ी चारागाह की भूमि पर वृहद गौ आश्रय स्थल बनाया जाएगा जो करीब पांच एकड़ में होगा। इस आश्रय स्थल में करीब पांच से सात हजार पशु रखे जा सकेंगे। वृहद गौ आश्रय स्थल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर एसडीएम सदर को सौंपा है। जिलाधिकारी के यहां से प्रस्ताव की स्वीकृत होगी इसके बाद उसे शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही इसपर कुछ किया जाएगा।
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