आजमगढ़। जनपद की विभिन्न अदालतों ने वर्षों पुराने आपराधिक मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए दोष सिद्ध पाए गए दोषियों के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है। मारपीट, एकराय होकर हमला करने और फसल जलाने जैसे मामलों में अदालत ने दोषियों को सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया है। सभी फैसले बृहस्पतिवार को सुनाए गए। महराजगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 1994 के एक मामले में एकराय होकर मारपीट करने और फसल में आग लगाने के आठ आरोपियों को एसीजेएम-11 कोर्ट नितिका राजन ने दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को छह माह के सश्रम कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसमें टोनारी गांव निवासी गंगा प्रसाद यादव, हरिकेश, पार्वती, बासमती, प्रेमा देवी, राम दरस, राम विनय व राजेश शामिल है। यह मुकदमा टोनारी निवासी छत्रधारी यादव की तहरीर पर दर्ज किया गया था, जिसमें बलवा, मारपीट और आगजनी की धाराएं लगाई गई थीं। इसी थाना क्षेत्र के टोनारी गांव के एक मामले में, वर्ष 1994 में दर्ज एकराय होकर मारपीट व गाली-गलौज के प्रकरण में तीन दोषियों को भी एसीजेएम-11 नितिका राजन की कोर्ट ने दोषी ठहराया। इसमें राज नारायन उर्फ राम नरायन, हरिनारायन व सत्य नारायन शामिल रहे। अदालत ने तीनों को छह माह के सश्रम कारावास व 1700 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, थाना अतरौलिया क्षेत्र के वर्ष 2002 के एक मामले में मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के दो दोषियों को जेएम कोर्ट नंबर-12 ने दोषसिद्ध पाया। दोषियों में रामपलट वर्मा व राजेश वर्मा उर्फ अजय वर्मा रुकमलपुर का निवासी है। अदालत ने दोनों को न्यायालय उठने तक की सजा और 1500-1500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।