अतरौलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र में 20 अगस्त को हुए एक हादसे में वृद्ध की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप के साथ ही मृतक की जेब से 20 हजार रुपये निकाल लेने का डॉक्टर पर आरोप लगाया था। वहीं 100शैय्या अस्पताल अतरौलिया के डॉक्टर ने मृतक के परिजनों पर मारपीट, दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। अतरौलिया पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया जबकि मृतक के परिजनों की तहरीर को दरकिनार दिया। अतरौलिया थाना क्षेत्र के गनपतपुर मिश्रौलिया गांव निवासी वृद्ध रामफेर 20 अगस्त की सुबह साढ़े ग्यारह बजे सड़क हादसे में बाइक की चपेट में आकर गंभीर रुप से घायल हो गया था। परिजन उसे 100 शैय्या अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए उसे ठीक से देखा भी नहीं था और मौत के बाद बॉडी तत्काल बाहर कर दिया था। जिसे लेकर मृतक के परिजनों की डॉ. से कुछ कहासुनी भी हो गई थी। इसके बाद पुलिस मृतक के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। उसी दिन रात में डॉक्टर ने थाने पर मृतक के परिजन के खिलाफ तहरीर दे दी। जिसकी जानकारी अगले दिन मृतक के परिजनों को हई थी शिक्षक संघ के नेताओं के साथ परिजन भी थाने पर पहुंचे और डॉक्टर पर लापरवाही बरतने और मृतक के जेब से 20 हजार रुपये निकाल लेने का आरोप लगाते हुए तहरीर भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शनभी किया था। प्रभारी एसओ माखन सिंह ने दोनो पक्षों की तहरीर मिलने की बात स्वीकार किया था और जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कही थी। रविवार को पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए डॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं मृतक के परिजनों ी तहरीर को दरकिनार कर दिया। जिससे मृतक के परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। दो दिन पूर्व तहरीर मिलने की बात कहने वाले प्रभारी एसओ अब कह रहे है कि दूसरे पक्ष की तहरीर ही नहीं मिली है। जबकि दूसरे पक्ष ने थाने पर प्रदर्शन करने के साथ ही तहरीर भी दिया था।