आजमगढ़। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ अप्रैल माह में हो चुका है। स्कूल चलो रैली व प्रवेश उत्सव के माध्यम से हजारों बच्चों के प्रवेश भी स्कूलों में कराए जा चुके हैं। बच्चों ने बिना पुस्तकों के ही स्कूलों में पढ़ाई की, लेकिन अभी तक पुस्तकों की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को बिना पुस्तकों के ही बच्चों को पढ़ना होगा। ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों को विभाग की ओर से प्रतिवर्ष पाठ्य-पुस्तकें मुहैया कराई जाती है। परिषदीय स्कूलों में अभी 15 जून तक अवकाश है। स्कूलों के खुलने में अब मात्र नौ दिन का समय शेष रह गया है, लेकिन अभी तक शासन से पुस्तकों की उपलब्धता नहीं कराई जा सकी है। इससे बच्चों को स्कूल में फिर से बिना पुस्तकों के ही पहुंचना होगा। विभागीय अफसरों की मानें तो पुस्तकों के उपलब्ध होने में अभी समय लगेगा। सूत्रों की माने तो अप्रैल में स्कूल खुलने पर दिसंबर में पुस्तकों की टेंडर प्रक्रिया होनी थी, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में अभी पुस्तकों के उपलब्ध होने में कई माह का समय लगेगा। यदि जून में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भी ली जाए तो पुस्तकों के प्रकाशन होने के बाद जनपद को उपलब्ध होने में ही दो माह का समय लग सकता है। इसके बाद विद्यालय पहुंचने में भी एक पखवाड़े का समय लग जाता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने कहा कि शासन स्तर पर टेंडरिंग प्रक्रिया होती है जो अभी नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही किताबों का वितरण कराया जाएगा। जिससे बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। कुछ बच्चों को प्रधानाध्यापकों द्वारा पुरानी किताबे दी गई है। जिससे वह पढ़ाई कर रहे हैं।