आजमगढ़। अपनी मांगों को लेकर जिले के रसोइयां शुक्रवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर हुंकार भरी। रसोइयों ने मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी सात सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के बैनर तले शुक्रवार को जनपद की सभी रसोइयां डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंप अवगत कराया कि प्रधानमंत्री पोषण व मध्याह्न भोजन योजना में लगभग चार लाख गरीब, असहाय, विधवा रसोइयां कार्यरत हैं। इसके बाद भी पिछली सरकार के गलत नीतियों के वजह से रसोइयों का शोषण, अत्याचार होता रहता है। रसोइयों को जीने लायक परिश्रमिक मानदेय न मिलने के कारण रसोइयों व उनका पूरा परिवार भूखमरी के कगार पर है। जबकि इस संबंध में उच्च न्यायालय हाईकोर्ट प्रयागराज के द्वारा सरकार को आदेश दिया गया है कि रसोइयों की दशा सुधारी जाए एवं उनकी नीतियों पर पुन: विचार किया जाए। उन्होंने न्यूनतम वेतन तय कर 2005 से अब तक का बकाया देने की मांग की। हटाए गए रसोइयों को पुन: काम पर रखने, छात्र संख्या अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। कहा रसोइयां 11 माह काम करते हैं लेकिन 10 माह का मानदेय दिया जा रहा है। पूरे सत्र का मानदेय दिए जाने से सहित सात सूत्रीय मांग है। इस अवसर पर सुरेंद्र नाथ गौतम, संगीता यादव, सुनीता देवी, रामदुलारे गोंड, सुबाष गोंड, सुलचंद यादव, माया, सर्वदा यादव, निधि सिंह, तारा देवी व छोटे लाल गोंड सहित हजारों की संख्या में रसोइयां उपस्थित थीं।